कहां हुआ है यह शोध?
इस शोध को न्यूयॉर्क की सिरैक्यूज यूनिवर्सिटी ने किया है । शोध का नेतृत्व फाल्क कॉलेज डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ की सहायक प्रोफेसर डॉक्टर ब्रायस ह्रस्का ने किया। ब्रायस का कहना है कि साल में जो कर्मचारी जितनी ज्यादा छुट्टी लेते हैं उनको मेटाबॉलिक सिंड्रोम का उतना ही कम खतरा रहता है। दिल से जुड़ी जितनी भी बीमारियां होती हैं उनका कारण मेटाबॉलिक सिंड्रोम ही होता है।
उनका कहना है कि शोध में देखा गया है कि छुट्टी लेकर घूमने वाले कर्मचारियों में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम रहता है।
क्या होता है मेटाबॉलिक सिंड्रोम?
मेटाबॉलिक सिंड्रोम, ऐसी परिस्थितियों का समूह होता है जो उच्च रक्त चाप, कोलेस्ट्रोल, ब्लड शुगर लेवल और दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है। इसकी वजह से हमारे कमर के आस-पास फैट जमा होता है। यह टाइप- 2 डाइबिटीज, तनाव और स्ट्रोक जैसी खतरनाक बीमारियों के लिए जिम्मेदार होता है।
छुट्टी लेने से नहीं होती बीमारियां