ब्रेन में ट्यूमर और इससे कैंसर का खतरा
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ट्यूमर के इलाज के लिए वैज्ञानिकों ने बनाई कारगर डिवाइस
इंस्टीट्यूट ऑफ बायोनिक टेक्नोलॉजीज एंड इंजीनियरिंग के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किया गया ये उपकरण कोशिकाओं को जीवित रहने में सक्षम बनाता है।
अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि इस प्लेटफॉर्म को रेड लाइट के संपर्क में लाने से कैंसर कोशिकाओं में आयन चैनल सक्रिय हो जाते हैं, जिससे आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कीमोथेरेपी दवाओं का अवशोषण बढ़ जाता है। इस शोध का नेतृत्व करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर अलेक्जेंडर मार्कोव कहते हैं, यह प्रक्रिया दवा को कैंसर कोशिकाओं में अधिक प्रभावी ढंग से प्रवेश करने में मदद करती है।
मस्तिष्क से संबंधित गंभीर समस्याओं का खतरा
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
प्रोफेसर मार्कोव कहते हैं, आयन चैनल पंप की तरह काम करते हैं। रेड लाइट उनकी गतिविधि को बढ़ाता है, जिससे दवा से अधिकतम लाभ प्राप्त हो सकता है और कैंसर कोशिकाओं को मारना भी आसान हो सकता है। प्रयोगशाला परीक्षणों में पाया गया है कि इस डिवाइस की मदद से 95-98% तक ग्लियोब्लास्टोमा कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद मिली। ये परिणाम सामान्य उपचार की तुलना में पांच गुना तक अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा, हम इस तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में अन्य प्रकार के कैंसर के लिए भी करना चाहते हैं, हालांकि इसके लिए अभी अध्ययन किया जाना बाकी है।
ग्लियोब्लास्टोमा रोगियों को क्या दिक्कतें होती हैं?
ग्लियोब्लास्टोमा कैंसर तेजी से बढ़ता है और स्वस्थ ऊतकों पर आक्रमण करके उन्हें नष्ट करने लगता है। इस प्रकार के ब्रेन ट्यूमर और कैंसर के लक्षणों में आमतौर पर रोगी को गंभीर प्रकार का सिरदर्द, मतली-उल्टी, धुंधला दिखाई देने, बोलने में परेशानी, छूने पर अनुभूति न होना और दौरे पड़ने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
ब्रेन ट्यूमर का इलाज होगा आसान
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किन लोगों को इस कैंसर का खतरा अधिक होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम बताती है कि ग्लियोब्लास्टोमा का ट्यूमर या कैंसर वृद्ध लोगों में अधिक देखा जाता है पर ये किसी भी उम्र में हो सकता है। जो लोग रेडिएशन के संपर्क में अधिक रहते हैं उन्हें इस प्रकार के ब्रेन ट्यूमर का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा कुछ लोगों में इसका वंशानुगत खतरा भी अधिक देखा जाता रहा है।
इन जोखिम कारकों से बचाव करके कैंसर और इसके खतरे से को कम किया जा सकता है। फिलहाल शोधकर्ताओं को ग्लियोब्लास्टोमा को रोकने के लिए कोई प्रभावी तरीका ज्ञात नहीं है।
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