शोधकर्ताओं ने तीन हजार डेनिश युवाओं के शुक्राणुओं के विश्लेषण के जरिए यह शोध पेश किया। शोध के लिए 2008 से लेकर 2017 के बीच इकट्ठा किए गए डाटा का विश्लेषण किया गया। इस शोध में यह भी बताया गया है कि जो लोग मछली, मांस और फलों के साथ ही सब्जियों को ज्यादा खाते हैं, उनके शुक्राणुओं की संख्या ज्यादा रहती है।
ऐसे में शोध में पश्चिमी डाइट यानी की रेड मीट, चिप्स और हाई फैट वाले खाने को पुरुषों के शुक्राणुओं के लिए हानिकारक बताया गया है। इतना ही नहीं यहां पेश हुए एक और शोध का कहना था कि धूम्रपान करने से भी युवाओं के शुक्राणुओं की संख्या में कमी आती है। यह शोध हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी ने किया है।
इस शोध में इस बात के साफ संकेत दिए हैं कि हम जितना स्वस्थ खाना खाते हैं हमारे शुक्राणुओं की संख्या में उतना ही इजाफा होता है जबकि ज्यादा फैट और जंक फूड इस संख्या को कम कर देता है। आधुनिक जीवनशैली में जब ज्यादातर लोगों की निर्भरता जंक फूड पर ज्यादा बढ़ रही है, ऐसे में यह शोध कई तरह की चिंताएं पैदा करता है और जीवनशैली में बदलाव की तरफ भी प्रेरित करता है।
एक्सपर्ट कहते हैं कि अवसाद भी शुक्राणुओं की संख्या को कम करता है। हाल ही में हुए एक दूसरे शोध का भी यही कहना था कि जंक फूड खाने वाली महिलाओं के मां बनने की संभावना कम होने लगती है। यह शोध 5 हजार से ज्यादा महिलाओं पर किया गया था। इसमें कहा गया था कि जंक फूड महिलाओं के गर्भधारण की क्षमता को प्रभावित करता है।