पैरासिटामोल का अधिक इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक
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सीमित मात्रा से अधिक हो रहा है पैरासिटामोल का इस्तेमाल
नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) की एक रिपोर्ट बताती है कि एक औसत ब्रिटिश नागरिक हर साल लगभग पैरासिटामोल की 70 गोलियां खाता है, जोकि छह खुराक प्रति माह के बराबर है। नवीनतम आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि इंग्लैंड में एनएचएस ने 2024-25 में इस दर्द निवारक के लिए 1.5 करोड़ से ज्यादा प्रिस्क्रिप्शन लिखे, जिनकी लागत £80.6 मिलियन (965.45 करोड़) थी।
इस बीच हाल के कई अध्ययनों ने इस दवा के नियमित इस्तेमाल को लिवर फेलियर, हाई ब्लड प्रेशर, गैस्ट्रोइंटस्टाइनल ब्लीडिंग और हृदय रोगों से जोड़ा है। कुछ अध्ययनों में यहां तक कहा गया है कि पैरासिटामोल का अधिक इस्तेमाल टिनिटस, ऑटिज्म और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) जैसी विकासात्मक समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
दवाओं का अधिक इस्तेमाल नुकसानदायक
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पैरासिटामोल की 'सेफ डोज' भी लंबे समय में हानिकारक
कुछ डॉक्टरों का कहना है कि, सिरदर्द या किसी भी प्रकार के दर्द से निपटने के लिए पैरासिटामोल की कुछ गोलियां लेना ठीक है, लेकिन एक बार में हफ्ते भर से अधिक समय तक इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यहां तक कि इसकी 'सुरक्षित' खुराक भी लंबे समय में नुकसानदायक हो सकती है।
ब्रिटेन की कोक्रेन कोलैबोरेशन में प्रोफेसर एंड्रयू मूरे ने अंतरराष्ट्रीय शोध से प्राप्त साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए कहा, ये समझा जाना कि पैरासिटामोल सुरक्षित है और दर्द के लिए एक 'सर्वोत्तम' उपचार है, शायद गलत है। अध्ययनों से पता चलता है कि पैरासिटामोल के उपयोग से मृत्यु दर, दिल का दौरा, पेट के रक्तस्राव और किडनी फेलियर के मामलों में वृद्धि हो रही है।
दर्द निवारक दवाएं लंबे समय में हो सकती हैं नुकसानदायक
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पैरासिटामोल के ओवरडोज से लिवर फेल होने की आशंका तो होती ही है, लेकिन दर्द से राहत के लिए सीमित खुराक लेने वाले कुछ लोगों में भी यह लिवर की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसका खतरा वैसे तो दस लाख में से केवल एक-दो में ही देखा जा रहा है, लेकिन यह एक जोखिम है जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
कितनी मात्रा सुरक्षित है?
अब सवाल ये है कि एक दिन में पैरासिटामोल की कितनी डोज सुरक्षित है?
प्रोफेसर मूरे कहते हैं, इस दवा की 'सुरक्षित' मानी जाने वाली खुराक प्रतिदिन 4 ग्राम है, यानी 24 घंटे की अवधि में चार बार 500 मिलीग्राम की गोलियां लेने के बराबर। पर अब ये भी हर व्यक्ति के लिए ठीक है, कहना सही नहीं होगा।
संस्थान के एक और विशेषज्ञ डॉ. डीन एगिट ने चेतावनी दी है कि 10 दिन या उससे ज्यादा समय तक इतनी भी डोज लेने से लिवर और किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। साक्ष्यों की समीक्षा से यह भी पता चलता है कि दर्द से राहत के लिए पैरासिटामोल उतना भी प्रभावी नहीं है जितना लोग सोचते हैं।
लिवर-किडनी पर हो सकता है असर
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पैरासिटामोल के अधिक इस्तेमाल से कई प्रकार के नुकसान
प्रोफेसर मूर लिखते हैं, 'ऑपरेशन के बाद के दर्द में, शायद चार में से एक व्यक्ति को फायदा होता है। सिरदर्द में शायद दस में से एक को। अगर पैरासिटामोल आपके लिए काम करता है, तो यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए, यह काम नहीं करेगा।'
सामान्य तौर पर, अध्ययनों से पता चलता है कि 24 घंटों में अगर आप सुझाई गई डोज से लगभग दोगुनी (लगभग 7.5 ग्राम) लेना कुछ लोगों के लिवर में विषाक्तता पैदा हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पैरासिटामोल के शरीर में घुलने पर, यह NAPQI नामक विषैला उत्पाद उत्पन्न करता है। कम खुराक पर या यदि सिरदर्द के इलाज के लिए बस कुछ गोलियों की आवश्यकता हो, तो इससे कोई समस्या नहीं होती क्योंकि इसे ग्लूटाथियोन नामक एक सुरक्षात्मक पदार्थ द्वारा निष्प्रभावी किया जा सकता है। लेकिन अधिक खुराक पर या यदि पैरासिटामोल लंबे समय तक लिया जाता है, तो लिवर पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है।
अध्ययनकर्ताओं ने बताया, अधिक मात्रा में निर्धारित डोज का भी अगर आप ज्यादा समय तक सेवन करते रहते हैं तो इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने, कानों में घंटी जैसा बजते रहने (टिनिटस) और बच्चों में ऑटिज्म का खतरा हो सकता है।
तो अगली बार पैरासिटामोल का इस्तेमाल करने से पहले ये बातें याद कर लीजिएगा।
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स्रोत
Liver injury induced by paracetamol and challenges associated with intentional and unintentional use
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