लैपटॉप के इस्तेमाल को लेकर सावधानी
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पेट पर रखकर लैपटॉप चलाते रहना पड़ा भारी
एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में इस मामले का जिक्र मिलता है, जिसके आधार पर डॉक्टरों ने सभी लोगों को अलर्ट किया है। डॉक्टरों ने लैपटॉप का लंबे समय तक इस्तेमाल करने को लेकर चेतावनी दी है।
ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स ऑफ लीसेस्टर एनएचएस ट्रस्ट के डॉक्टरों ने इस बच्चे के केस की जानकारी दी है। लिवर और शरीर की दूसरी जांच में भी जब स्थिति का सही से पता नहीं चल पाया और समस्या बढ़ती गई तो डॉक्टरों ने दोबारा केस को शुरू से देखना शुरू किया।
इसमें पता चला कि लंबे समय तक पेट पर लैपटॉप रखकर चलाने से उसे ‘टोस्टेड स्किन सिंड्रोम’ नाम की समस्या हो गई थी। इसमें त्वचा पर जाल जैसी आकृति के निशान बन जाते हैं। यह समस्या तब होती है जब त्वचा लंबे समय तक किसी गर्म चीज के संपर्क में रहे। इस बीमारी को मेडिकल भाषा में ‘एरिथेमा एब इग्ने’ भी कहा जाता है।
‘एरिथेमा एब इग्ने’ की समस्या को जानिए
आसान भाषा में समझें तो त्वचा पर लंबे समय तक पड़ने वाली हल्की गर्मी वैसे तो तुरंत जलन, तेज दर्द या छाले नहीं पैदा करती। लेकिन लगातार गर्मी के कारण से त्वचा के अंदर मौजूद बहुत छोटी रक्त वाहिकाओं और ऊतकों को नुकसान पहुंच सकता है।
- इसके कारण त्वचा में रंगत पैदा करने वाला पदार्थ जमा होने लगता है और वहां लाल, भूरा या गहरा जाल जैसा निशान दिखाई देने लगता है।
- कुछ मामलों में त्वचा पर पपड़ी पड़ सकती है या त्वचा उतरने भी लगती है।
- पहले यह समस्या उन बुजुर्ग लोगों में देखी जाती थी जो लंबे समय तक खुले अंगीठी या आग के पास बैठते थे।
- डॉक्टरों का कहना है कि अब बच्चों और युवाओं में भी यह समस्या दोबारा बढ़ती दिखाई दे रही है। इसकी एक वजह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बढ़ता इस्तेमाल हो सकता है।
लैपटॉप के इस्तेमाल के कारण ‘टोस्टेड स्किन सिंड्रोम’
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क्या कहते हैं डॉक्टर?
बीएमजे केस रिपोर्ट्स में प्रकाशित इस मामले में डॉक्टरों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें बच्चे की त्वचा पर बने निशान देखकर लिवर से जुड़ी समस्या का संदेह हुआ। निशान देखने में काफी चिंताजनक थे, लेकिन खून की जांच और स्कैन में किसी गंभीर समस्या के संकेत नहीं मिले। दो सप्ताह बाद बच्चा फिर अस्पताल पहुंचा और इस बार त्वचा की समस्या पहले से ज्यादा बढ़ चुकी थी।
- अब निशान उसके पेट के बड़े हिस्से में फैल गए थे। त्वचा में इतनी जलन और परेशानी हो रही थी कि कुछ जगहों से स्किन उतरने लगी थी।
- इसके बाद डॉक्टरों ने बच्चे से उसकी रोजमर्रा की दिनचर्या के बारे में ज्यादा विस्तार से पूछा। यहीं से समस्या की असली वजह सामने आई।
- बच्चे ने बताया कि वह घर से पढ़ाई के लिए कई घंटों तक लैपटॉप का इस्तेमाल करता था।
- लैपटॉप को मेज पर रखने के बजाय वह उसे सीधे अपने पेट पर रखकर इस्तेमाल करता था। ऐसा वह रोजाना करीब आठ घंटे तक करता था।
लैपटॉप के इस्तेमाल को लेकर डॉक्टरों ने किया सावधान
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कैंसर का भी हो सकता है खतरा
प्राइमरी केयर डर्मेटोलॉजी सोसाइटी के विशेषज्ञों के मुताबिक, एरिथेमा एब इग्ने की समस्या अगर हल्की है तो गर्मी का संपर्क कम या बंद करने के बाद त्वचा धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर त्वचा को ज्यादा नुकसान हो चुका हो तो बदलाव लंबे समय तक रह सकते हैं और कुछ मामलों में स्थायी भी हो सकते हैं।
- विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि जिस त्वचा पर लंबे समय तक बार-बार गर्मी का असर पड़ता रहे, वहां भविष्य में त्वचा के कैंसर का जोखिम भी हो सकता है। हालांकि इसका खतरा बहुत कम होता ह।
- ऐसे कुछ मामलों में स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा की दिक्कत हो सकती है, जो त्वचा की बाहरी परत की कोशिकाओं से शुरू होने वाला एक प्रकार का कैंसर है।
- इसके अलावा बहुत दुर्लभ मामलों में मर्केल सेल कार्सिनोमा भी हो सकता है।
हालांकि डॉक्टरों ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसी गंभीर जटिलताएं तुरंत नहीं होतीं। कुछ मामलों में इनके सामने आने में कई दशक, यहां तक कि 30 साल या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है।
लैपटॉप का सावधानी से करें इस्तेमाल
इस घटना के बाद डॉक्टरों ने सभी लोगों को सलाह दी है कि लैपटॉप को सीधे शरीर पर रखकर इस्तेमाल न करें। अगर आपके शरीर के किसी हिस्से पर निशान बन रहे हैं तो उसे अतिरिक्त गर्मी के संपर्क में आने से बचाना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समस्या की शुरुआत में ही पहचान हो जाए तो खतरे को कम किया जा सकता है।
पिछले साल जापान के डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी थी कि लंबे समय तक स्मार्टफोन पर गेम खेलने से एक गंभीर स्थिति का खतरा हो सकता है, जिसे ‘ड्रॉप्ड हेड सिंड्रोम’ कहा जाता है। इसमें व्यक्ति का सिर आगे की ओर झुक जाता है और उसे सीधा रखने में परेशानी हो सकती है।
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स्रोत:
Resting electronic device on bare skin risks disfiguration due to heat, doctors warn
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