इस साल देश की राजधानी दिल्ली के साथ एनसीआर के लोग बढ़ते प्रदूषण से काफी परेशान रहे। हवा में मौजूद जहरीली गैस ने ना सिर्फ आंखों में जलन पैदा की बल्कि उन लोगों के लिए भी सेहत की दुश्मन बन गई जो पहले से ही सांस और एलर्जी जैसी कई बीमारियों से जुझ रहे थे। मेडिकल साइंस में हुई एक रिसर्च ने तो यह तक कह दिया कि प्रदूषण का असर लोगों की फर्टिलिटी पर भी काफी बुरा असर डाल रहा है। बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए लोगों ने बाजारों में मिल रहे मास्क का सहारा लिया तो पता चला उन्होंने भी प्रदूषण के आगे अपने घुटने टेक दिए हैं। जिसके बाद लोग ये सोचने पर मजबूर हो गए कि क्या वाकई चेहरे पर लगा मास्क हवा में घुली जहरीली गैस से बचाने में नाकामयाब हो रहा है?
काम के नहीं हैं मास्क, ऐसा डॉक्टर कहते हैं
इस समय बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बाजारों में कई तरह के फैन्सी मास्क बेचे जा रहे हैं, जिनकी कीमत 90 रूपए से शुरु होकर 3500 रूपए तक बताई जा रही है। फिल्म पिंक में अमिताभ बच्चन भी खुद को प्रदूषित हवा से बचाने के लिए कुछ इसी तरह के मास्क का इस्तेमाल करते हुए दिखाई देते हैं। फिल्म देखकर हम तो सोच रहे थे कि यह भी कोई फैशन होगा, लेकिन यह तो जहर हो रही हवा से बचने का उपाय था।
मास्क के प्रचार-प्रसार के बावजूद एक सवाल हर किसी के मन में आता है कि क्या वाकई ये मास्क असरदार होते भी हैं या ये सिर्फ लोगों को मानसिक रूप से तैयार करते हैं कि वो इस जहरीली हवा से बाकी लोगों की तुलना में सुरक्षित हैं। सीएसई के एक्सपर्ट चन्द्रभूषण ने प्रदूषण पर अपने दिए एक खास इंटरव्यू में बताया कि ''मास्क या एयर फिल्टर का बहुत बड़ा बाजार खड़ा हो चुका है। लंबे वक्त में ये तरीका असरदार नहीं है। अभी जितने आंकड़े आ रहे हैं, वो बताते हैं कि घरों के भीतर भी प्रदूषण होता है। फिर आप चाहे एयर फिल्टर लगवा लीजिए या मास्क पहन लीजिए। हम प्रदूषण से नहीं बच सकते। इनसे आप थोड़ा बहुत बच सकते हैं, लेकिन पूरी तरह नहीं। कहा जाता है कि कितनी ही औरतें चूल्हे से निकले प्रदूषण की वजह से मरती हैं। किचन में अगर बच्चे बैठते हैं तो भी प्रदूषण का असर उन पर पड़ता है।
तो फिर प्रदूषण से कैसे बचा जाए...
प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें-
डॉक्टर मोहसिन वली भारत के कई पूर्व राष्ट्रपतियों के भी डॉक्टर रह चुके हैं। फिलहाल वो गंगाराम अस्पताल में काम कर रहे हैं। डॉक्टर वली की मानें तो ''अभी N5 मास्क बाजार में काफी बिक रहा है। ये आमतौर पर बाजार में 200 से 800 रुपए में मिल रहा है, पर ये बहुत ज्यादा असरदार नहीं है। वो लोग जो मास्क नहीं खरीद सकते या एयर फिल्टर नहीं लगा सकते वो रुमाल या कपड़ा बांधकर कुछ हद तक ही बच सकते हैं।''