तंबाकू उत्पाद और कैंसर का खतरा
- फोटो : Pixabay
मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
मुंह के कैंसर आमतौर पर, घाव (शुरुआती लक्षण) सफेद घाव (ल्यूकोप्लाकिया) या लाल घाव (एरिथ्रोप्लाकिया), मुंह में जलन (लाइकेन प्लेनस), मुंह खोलने में परेशानी (ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस) और ठीक न होने वाले अल्सर पैदा कर सकता है। एक बार कैंसर के घातक होने पर मुंह, चेहरे के हिस्से में अनियमित वृद्धि/घाव/ठीक न होने वाले अल्सर को स्पष्ट देखा जा सकता है। ये गर्दन के लिम्फ नोड्स में भी सूजन का भी कारण बन सकती है।
मौखिक कैंसर का निदान आमतौर पर परीक्षण (विजुअल एग्जामिनेशन)द्वारा किया जाता है, यह मौखिक कैंसर के निदान का एक बहुत ही लागत प्रभावी तरीका है। क्लीनिकल निदान की पुष्टि करने के लिए डॉक्टर बायोप्सी करते है, जिसमें लोकल एनेस्थीसिया देकर मुंह के प्रभावित क्षेत्र का एक छोटा सा टुकड़ा लेना और माइक्रोस्कोप से इसकी जांच करना शामिल है। यदि कैंसर के निदान की पुष्टि हो जाती है तो रोगी को सीटी स्कैन, एमआरआई या पीईटी स्कैन जैसी आगे की जांच की आवश्यकता हो सकती है।
कैंसर का इलाज
सर्जरी प्रमुख उपचार है जिसके बाद उन्नत मामलों में रेडिएशन और कीमोथेरेपी जैसे सहायक उपचार आते हैं।
आदत में सुधार, कैंसर के रोकथाम, शीघ्र निदान की कुंजी है। किसी भी सफेद या लाल धब्बे या दर्द रहित अल्सर के लिए ऑन्कोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। इलाज पूरी तरह से निदान के समय पर निर्भर करता है। मुंह के कैंसर का यदि शीघ्र निदान हो जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है।
--------------------
(डॉ. मनीष तिवारी कार्किनोस हेल्थकेयर में कंसलटेंट, हेड एंड नेक ऑन्कोसर्जन और माइक्रोवास्कुलर रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन हैं। उनकी रुचि मुंह के कैंसर का शीघ्र पता लगाने और प्रबंधन में है)
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।