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चिंताजनक: स्मोक पान खाने से पेट में हो गया छेद, ऐसी चीजें खातें हैं तो हो जाएं सावधान

Tue, 21 May 2024 03:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बेंगलुरु की एक 12 वर्षीय लड़की की स्मोक पान खान से तबीयत काफी बिगड़ गई जिसके बाद उसकी सर्जरी करनी पड़ी।
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स्मोक पान (सांकेतिक) - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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'स्मोक पान' इन दिनों काफी ट्रेंड में है। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित कई वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं। हालांकि इससे संबंधित एक खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरु की एक 12 वर्षीय लड़की की स्मोक पान खान से तबीयत काफी बिगड़ गई। कथित तौर पर स्मोक पान खाने के बाद लड़की ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर्स ने जांच में पाया कि लड़की की पेट में छेद हो गया था, जिसमें उसे तुरंत सर्जरी की सलाह दी गई। 

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खबरों के मुताबिक अस्पताल में लड़की की इंट्राऑपरेटिव ओजीडी स्कोपी करके पेट की जांच की गई। इसमें पाया गया कि लिक्विड नाइट्रोजन पान खाने के कारण पेट के निचले हिस्से में संक्रमण हो गया था जिसे ऑपरेशन करके निकाल दिया गया। 

इस मामले के सामने आने के बाद सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या स्मोक पान नहीं खाना चाहिए?

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

तरल नाइट्रोजन युक्त चीजों से सेहत को होने वाले दुष्प्रभावों का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2017 में गुरुग्राम में ऐसा ही मामला सामने आया था, जब एक व्यक्ति ने लिक्विड नाइट्रोजन युक्त कॉकटेल पी लिया था जिसके बाद उसकी तबीयत काफी बिगड़ गई।

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स्मोक पान के कारण हुई इस हालिया घटना में सर्जरी करने वाले डॉक्टर्स की टीम के प्रमुख डॉ विजय ने कहा लिक्विड नाइट्रोजन को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसका विवेकपूर्ण इस्तेमाल किया जाना चाहिए। 

डॉक्टरों ने किया सावधान

डॉक्टरों ने बताया कई खाद्य पदार्थों को आकर्षक बनाने के लिए लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया जा रहा है हालांकि जरा सी असावधानी आपके लिए समस्याकारक हो सकती है। इससे निकलने वाले वाष्प को अंदर लेने से सांस लेने में कठिनाई हो सकती है और तरल नाइट्रोजन की खतरनाक प्रकृति शरीर में ऊतकों के का कारण भी बन सकती है।

डॉक्टर्स ने कर्नाटक सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया। गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार पहले से ही खाद्य पदार्थों में तरल नाइट्रोजन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा चुकी है।

कई स्थानों पर प्रतिबंधित है तरल नाइट्रोजन

एक रिपोर्ट में कर्नाटक स्वास्थ्य आयुक्त ने कहा, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अनुसार, भोजन तैयार करने में तरल नाइट्रोजन का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, कई मामलों में इन नियमों की अवहेलना देखी जा रही है, जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यहां तक कि अमेरिका में भी तरल नाइट्रोजन पर प्रतिबंध है। सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पहले तरल नाइट्रोजन से बने भोजन के सेवन के संभावित खतरों के बारे में एक सुरक्षा चेतावनी जारी की थी। आइसक्रीम, पान या कॉकटेल आदि में इसको मिलने से आंतरिक अंगों की क्षति का खतरा हो सकता है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 

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