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Covid-19 Vaccine: कोविड वैक्सीन लगवाई है तो पढ़ लें ये खबर, विशेषज्ञों का गाइडलाइन पर चौंकाने वाला खुलासा

Tue, 07 Oct 2025 07:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने अपनी नई गाइडलाइंस में कोविड-19 के टीके को लेकर चौंकाने वाली बात कही है। विशेषज्ञों ने पुरानी पुरानी गाइडलाइन को लेकर यूटर्न ले लिया है। 
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कोविड-19 के टीके - फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
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Covid Vaccine: कोरोनावायरस संक्रमण को दुनियाभर के विशेषज्ञ हाल के दशकों में आई सबसे बड़ी स्वास्थ्य आपदा मानते हैं। साल 2019 के आखिरी के महीनों से शुरू हुई महामारी ने देखते ही देखते पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था। अब तक के आंकड़ों के अनुसार विश्वभर में 70.47 करोड़ से अधिक लोग आधिकारिक तौर पर वायरस की चपेट में आ चुके हैं वहीं 70 लाख से अधिक लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है।

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साल 2020 से लेकर 2022 तक लॉकडाउन, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे शब्द हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गए थे। हालांकि वैज्ञानिकों ने जिस तेजी से वैक्सीन तैयार की इसने हालात में तेजी से सुधार करने में मदद की। 

कई अध्ययनों में यह साबित हुआ कि कोविड वैक्सीनेशन ने न केवल संक्रमण के गंभीर प्रभावों को कम किया बल्कि लाखों जिंदगियां भी बचाईं। हाल के वर्षों में, विश्व स्वास्थ्य संगठनों और विभिन्न स्वास्थ्य विभागों ने कोविड को सीजनल वायरस की तरह मानना शुरू किया है। यानी जैसे हर साल फ्लू या इन्फ्लूएंजा के टीके लगाए जाते हैं, वैसे ही कोविड वैक्सीन की भी सालाना डोज की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञ कहते हैं, खासकर 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को हर साल कोविड के बूस्टर टीके दिए जाने चाहिए ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक को नए वैरिएंट्स के खिलाफ मजबूत बनाया जा सके।
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वैक्सीन्स को लेकर अब नई गाइडलाइंस आई हैं जिसमें वैज्ञानिकों ने बड़ा यूटर्न लिया है।

कोविड की वैक्सीन - फोटो : Freepik.com
कोविड वैक्सीन को लेकर नई गाइडलाइन

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने अपनी नई गाइडलाइंस में सभी लोगों के लिए कोविड-19 के टीके लगाने की सिफारिश पर रोक लगा दी है। टीका सलाहकार विशेषज्ञों के एक समूह ने हालिया गाइडलाइंस में कहा है कि अब सभी लोगों के लिए कोविड-19 के टीके जरूर नहीं हैं, ये लोगों के ऊपर निर्भर करता है कि वह टीके लगवाना चाहते हैं या नहीं। 

सीडीसी ने कहा हमने सलाहकारों की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है, जिसमें कहा गया है कि अब वार्षिक टीके सभी लोगों के लिए जरूरी नहीं हैं।  

अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रामक रोग विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर 6 महीने और उससे ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए सालाना कोविड-19 बूस्टर की सिफारिश की थी। इसका उद्देश्य कोरोनावायरस में लगातार हो रहे म्यूटेशन के खिलाफ लोगों की इम्युनिटी को मजबूत करना था।

कोरोना की सालाना वैक्सीन - फोटो : ANI
सभी लोगों को सालाना वैक्सीन की जरूरत नहीं

गौरतलब है कि जैसे-जैसे कोविड-19 महामारी कम हुई, विशेषज्ञों ने हर साल टीके की सिफारिशों को 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों तक सीमित कर दिया था, जिनके अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु का खतरा अधिक हो सकता है। अब सालाना टीकाकरण को पूरी तरह से लोगों पर छोड़ दिया गया है। 

सोमवार (6 अक्तूबर) को एक बयान में, स्वास्थ्य एवं मानव सेवा उप सचिव जिम ओ'नील ने कहते हैं, यह कहना कि कोरोना अब पूरी तरह से खत्म हो गया है, ये सही नहीं है हालांकि अब सभी लोगों को इसकी सालाना जरूरत भी नजर नहीं आती है। उच्च जोखिम समूह वालो लोग अपने डॉक्टर की सलाह पर टीकाकरण करा सकते हैं।

कोविड-19 टीकाकरण - फोटो : Freepik.com
'कोविड के टीके उतने प्रभावी नहीं जितना माना जा रहा था'

इससे पहले हाल ही में वैज्ञानिकों की टीम ने एक अध्ययन में खुलासा किया था कि कोविड के टीके असल में उतने प्रभावी नहीं हैं, जितना कि दावा किया जा रहा था। 50 प्रतिशत टीकों का असर तेजी से कम होता देखा गया है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि जापानी वैज्ञानिकों के नए शोध से संकेत मिलता है कि फाइजर और मॉडर्ना द्वारा बनाए गए एमआरएनए टीकों ने बेशक गंभीर बीमारियों को रोका, लेकिन प्रतिरक्षा सुरक्षा में उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से गिरावट आई है। 
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कोविड वैक्सीन और कैंसर का लिंक - फोटो : Adobe Stock Images
खतरनाक साइड इफेक्ट्स को लेकर भी होती रही है चर्चा

इससे इतर कोविड वैक्सीन्स को लेकर लंबे समय से सवाल भी खड़े होते रहे हैं। पहले कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वैक्सीन लगवाने वाले लोगों में हृदय से संबंधित समस्याओं का जोखिम अधिक हो सकता है, हालांकि वैज्ञानिकों की एक अन्य टीम ने इन दावों को खारिज भी किया था।

एक हालिया रिपोर्ट में कोरियन वैज्ञानिकों ने अलर्ट किया है कि कोविड वैक्सीन कैंसर के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैक्सीन के प्रभावों पर लंबी अवधि की निगरानी जरूरी है। यह खतरा 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि टीकों ने इस जोखिम को क्यों बढ़ाया होगा? पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ सकते हैं


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स्रोत
CDC Immunization Schedule Adopts Individual-Based Decision-Making for COVID-19 and Standalone Vaccination for Chickenpox in Toddlers


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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