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आ गई चमत्कारी दवा जो नहीं आने देगी झुर्रियां और बुढ़ापा, सालों रहेंगे जवां

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ढलती उम्र की फिक्र अब छोड़ दीजिए क्योंकि दुनिया की पहली एंटी-एजिंग दवा बस आ ही गई। वैज्ञानिकों का मानना है कि अब वाकई लोगों को जल्दी बूढ़ा होने से रोका जा पाएगा और वे 100 साल की उम्र के बाद भी सेहतमंद जिंदगी जी पाएंगे।
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टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक शोधकर्ताओं ने साबित कर दिया है कि मधुमेह की दवा मेटफॉर्मिन जानवरों की जिंदगी लंबी कर सकती है और अब इस दवा का ट्रायल अगले साल इंसानों पर भी किया जाएगा। देखा जाएगा कि क्या इंसानों पर भी इसका यही असर होता है।

अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसका मतलब इंसान 70 की उम्र में भी 50 के जैसा दिखेगा। डॉक्टरों को भी कैंसर, मधुमेह जैसी बीमारियों का अलग अलग इलाज नहीं करना पड़ेगा और सीधे उसकी ड़ तक पहुंच पाएंगे जो कि है एजिंग।
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न बढ़ेगी उम्र न होंगी जानलेवा बीमारियां

स्कॉटलैंड के प्रोफेसर गॉर्डन लिथगो जो इस शोध के सदस्य थे, का कहना है कि अगर उम्र बढ़ने की समस्या का ही इलाज किया जाए और इस इस प्रक्रिया को धीरे कर दिया जाए तो इससे जुड़ी कई बीमारियों का खुद ब खुद इलाज मिल जाएगा।

ऐसा नहीं है कि बूढ़ा होना जिंदगी की जरूरी हिस्सा है जिसे नकार नहीं सकते क्योंकि शरीर के सेल्स में डीएनए ब्लूप्रिंट होता है जो शरीर को हमेशा के लिए काम करने लायक बनाए रख सकता है। कुछ जानवर तो कभी बूढ़े नहीं होते।

हालांकि इतनी लंबी जिंदगी में जब सेल बार बार टूटते और अलग अलग हिस्सों में बंटते हैं तो बीमारियां पनपती हैं। कैंसर में सेल्स में इतनी शक्ति नहीं रह जाती कि वे इस बदलाव से बच सकें और इसी कारण ट्यूमर हो जाता है।
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दवा एक, इलाज अनेक

डॉक्टरों का मानना है कि ऐसी ऐंटी-एजिंग दवा बनाने के लिए मेटफॉर्मिन सबसे अच्छी रहेगी क्योंकि ये दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने मधुमेह की दाव है। ये सेल में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाती है।

जब शोधकर्ताओं ने एक प्रकार के कीड़े पर मेटफॉर्मिन का प्रयोग किया तो पाया कि वह न सिर्फ देर से बूढ़ा हुआ बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ भी रहा। उनकी त्वचा पर झुर्रियां भी नहीं पड़ीं। चूहों की भी जिंदगी 40 प्रतिशत तक बढ़ गई और उनकी हड्डियां और मजबूत हो गई थीं।

पिछले साल के शोध में यह भी पाया गया था कि जब मधुमेह के कुछ मरीजों को यह दवा दी गई तो वे अपने जैसे दूसरे मरीजों से ज्यादा लंब समय तक जिंदगा और स्वस्थ रहे जबिक इसके बिना वे आठ साल पहले ही मर जाते।

अगले साल यूएस में मेटफॉर्मिन का यह प्रयोग इंसानों पर शुरू हो जाएगा औऱ फिलहाल इसके लिए 70-80 साल की उम्र के लोगों को चुना जा रहा है जिन्हें कैंसर, दिल की बीमारियों से पीड़ित हों। उम्मीद है उन पर इसका फायदा दिखेगा।
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