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63 की उम्र में भी इसलिए इतने फिट हैं मोदी

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लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा को भारी बहुमत से जीत दिलाने और सरकार बना चुके नरेंद्र मोदी की ऊर्जा और जोश इतनी रैलियों, चुनावी दौरों आदि के बाद भी कम नहीं हुआ है।
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उनके करीबियों का मानना है कि मोदी कि फिटनेस के पीछे उनकी अनुशासित जीवनशैली का बड़ा महत्व है। चूंकि बचपन से ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जुड़े रहे हैं इसलिए दिनचर्या में अनुशासन और व्यायाम का महत्व अब तक उनके रुटीन में बरकरार है।

जानिए, 63 वर्ष की आयु में भी बिल्कुल फिट और ऊर्जावान मोदी की फिटनेस के पीछे बड़े पांच राज।

ऐसे करते हैं दिन की शुरुआत

नरेंद्र मोदी ‌प्रतिदिन सुबह पांच बजे से ही अपनी दिनचर्या शुरू करते हैं। उनके करीबियों की मानें तो वह रात में एक बजे तक जगते हैं और सुबह पांच बजे ही उठ जाते हैं।

ऐसे में सुबह खुद को तरोताजा करने के लिए वे नियमित रूप से एक घंटे योगासन करते हैं। इससे दिन भर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

ध्यान को देते हैं महत्व

आमतौर पर मोदी रात में देर तक काम करते हैं और फिर कुछ समय दुनिया भर में होने वाली खबरों को देते हैं। लेकिन सोने से पहले वह काफी देर तक ध्यान करते हैं जिससे दिन भर के तनाव का दूर होता है और शायद यही वजह है कि वे कम समय में अच्छी नींद ले पाते हैं।

गले का खास ध्यान

मोदी के लंबे और जोशीले भाषणों की ऊर्जा का राज उनके खानपान से जुड़ा है। गर्मियों को छोड़ दें तो वह पूरे साल हल्का गुनगुना पानी ही पीते हैं जिससे उनके गले में किसी तरह का संक्रमण न हो।

इसके अलावा, मोदी बाहर के खाने से भी हमेशा बचते हैं।

दिन का भोजन

नरेंद्र मोदी सुबह के नाश्ते में अधिकतर दक्षिण भारतीय भोजन को तरजीह देते हैं। खासतौर पर प्लेन डोसा, चटनी, सांभर, फलों का जूस या चाय के साथ वे अपने दिन की शुरुआत करते हैं।

दिन में भी वह गुजराती भोजन ही करते हैं। आमतौर पर चावल, दाल, सब्जी और दही उनकी दोपहर की डाइट में शामिल है।

मोदी दिन में बहुत ठंडी डाइट से बचते हैं और स्नैक्स भी उनके लिए गांधीनगर से ही आते हैं। आमतौर पर वह लो फैट और कम ऑयली भोजन को ही तरजीह देते हैं।

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रात में हल्का भोजन

रात में मोदी हल्का और सुपाच्य भोजन लेते हैं जिसमें गुजराती कढ़ी, खिचड़ी व सब्जियों का सेवन वे आमतौर पर अधिक करते हैं। हालांकि दूसरे प्रकार की हल्की और सुपाच्य डाइट से वे परहेज नहीं करते हैं।

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