खून में आयरन की कमी से एनीमिया नाम की बीमारी होती है। इस बीमारी से शरीर को कई खतरनाक प्रभावों से जूझना पड़ता है। लेकिन आप ये जानकर और चौंक जाएंगे कि एक नए रिसर्च में ये बात सामने आई है कि आयरन की कमी सुनने की क्षमता को भी प्रभावित करता है।
इस स्टडी के अनुसार वयस्क जो आयरन की कमी यानि एनीमिया के शिकार होते हैं उनमें बहरेपन की संभावना लगभग दोगुनी होती है। इस स्थिति को कंबाइंड हियरिंग लॉस कहा जाता है।
ये स्टडी JAMA ऑटोलेरिंगोलॉजी हेड एंड नेक सर्जरी जर्नल में प्रकाशित हुई। शोधकर्ताओं ने पेन्नसिल्विया के लगभग 3 लाख वयस्कों के मेडिकल रिकॉर्ड्स देखे। इसकी उम्र 21 से 90 के बीच थी। औसत आयु 50 साल रही।
मेडिकल रिकॉर्ड्स के अनुसार शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी थी उनकी सुनने की क्षमता भी कम थी।
बहरेपन का 3 प्रकार में बांटा जाता है। सेंसोरिन्यूरल हीयर लॉस जिसमें कान का अंदरूनी हिस्सा या कान और दिमाग के बीच की नस या दिमाग का हिस्सा छतिग्रस्त होता है, कंडक्टिव हियर लॉस जिसमें ध्वनि ठीक से नहीं सुनाई देती और कंबाइंड हीयर लॉस जिसमें ये दोनों प्रकार सम्मिलित होते हैं।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिनमें आयरन की कमी होती है उनमें कंबाइंड हीयर लॉस का खतरा 2.4 प्रतिशत बढ़ जाता है। साथ ही उनमें 1.8 प्रतिशत सेंसोरिन्यूरल हीयर लॉस का खतरा बढ़ जाता है।