हृदय रोगों के खतरे को कम कर सकती है शिंगल्स वैक्सीन
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कोरोनरी हार्ट डिजीज से बचाने वाली वैक्सीन
अमेरिका में 60 से अधिक उम्र के 70 हजार से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है है कि शिंग्रिक्स लेने वालों में कोरोनरी हार्ट डिजीज का जोखिम करीब 10 प्रतिशत और हार्ट अटैक-फेलियर का जोखिम करीब 12 प्रतिशत कम देखा गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैक्सीन के फायदे बुजुर्गों में देखे गए हैं। अगर 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को यह वैक्सीन दी जाए, तो बड़ी संख्या में गंभीर हृदय रोगों और उनसे होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले हुए अध्ययनों में शिंगल्स की वैक्सीन को डिमेंशिया के खतरे को कम करने वाला भी पाया गया है। इस बीमारी में याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है
शिंगल्स रोग के बारे में जानिए?
गौरतलब है कि शिंगल्स एक दर्दनाक बीमारी है। यह उसी वायरस के दोबारा सक्रिय होने से होती है, जो बचपन में चिकनपॉक्स यानी चेचक जैसी बीमारी का कारण बनता है।
- चिकनपॉक्स ठीक होने के बाद भी यह वायरस शरीर में छिपा रह सकता है और कई साल बाद दोबारा सक्रिय होकर शिंगल्स पैदा कर सकता है।
- उम्र बढ़ने के साथ शिंगल्स ज्यादा गंभीर हो सकता है। इससे लंबे समय तक नसों में दर्द बना रहता है।
- कुछ मामलों में इससे सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और आंखों की रोशनी तक जाने का खतरा रहता है।
- शिंगल्स से बचाव के लिए शिंग्रिक्स और कुछ जगहों पर जोस्टावैक्स वैक्सीन दी जाती है।
शिंगल्स की वैक्सीन हो सकती है कारगर
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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि शिंग्रिक्स वैक्सीन लेने वालों में दिल और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बड़ी जटिलताओं का खतरा 12 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मैक्सिम ताके कहते हैं, अगर आगे होने वाली क्लिनिकल ट्रायल में भी ये नतीजे सही साबित होते हैं, तो यह ऐसी पहली वैक्सीन हो सकती है जो दिल और दिमाग दोनों की सुरक्षा में मदद करती हो।
अध्ययन में क्या पता चला?
'नेचर मेडिसिन' जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में 60 साल से अधिक उम्र के 70 हजार से ज्यादा लोगों मेडिकल डेटा का विश्लेषण किया गया।
- शोधकर्ताओं ने करीब सात साल तक प्रतिभागियों की सेहत पर लगातार नजर रखी।
- शोध में पाया गया कि शिंग्रिक्स लेने वाले लोगों में कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा करीब 10 प्रतिशत कम था।
- कोरोनरी हार्ट डिजीज का मतलब ऐसी स्थिति से है जिसमें दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में चर्बी जमने लगती है और खून का प्रवाह कम हो सकता है। इससे हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ सकता है।
- शिंग्रिक्स लेने वालों में अगले सात साल के दौरान हार्ट फेलियर का खतरा भी करीब 12 प्रतिशत कम देखा गया।
- यह फायदा पुरुषों और महिलाओं दोनों में दिखाई दिया। पुरुषों में स्ट्रोक से बचाने में भी इस वैक्सीन के फायदे देखे गए।
हालांकि, अभी इस संबंध को पूरी तरह साबित करने के लिए कई क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं।
वैक्सीन दिल को कैसे फायदा पहुंचा सकती है?
शोधकर्ताओं ने बताया कि शिंग्रिक्स वैक्सीन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को उस वायरस को पहचानना और उससे लड़ना सिखाती है, जो शिंगल्स का कारण बनता है। लेकिन इस वैक्सीन में कुछ ऐसे पदार्थ भी होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने में मदद करते हैं।
- रीडिंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इयान जोन्स का मानना है कि प्रतिरक्षा प्रणाली को मिलने वाला यह अतिरिक्त किक, शरीर में लंबे समय से चल रही सूजन को भी कम करने में मदद कर सकता है।
- शरीर में लंबे समय तक रहने वाली ऐसी हल्की सूजन आगे चलकर नसों, दिमाग और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।
अध्ययनकर्ता कहते हैं, यह शोध शिंगल्स वैक्सीन के स्पष्ट फायदे को मजबूत करती है। साथ ही इससे यह संकेत भी मिलता है कि उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कई बीमारियों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की भूमिका हो सकती है।
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स्रोत:
Shingles vaccine could protect against stroke and heart disease, study finds
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