बाहर के देशों में इस दवा का सकारात्मक असर देखने को मिला है- सांकेतिक तस्वीर
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दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल ने कुछ मरीजों के इलाज में इस दवा का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। अस्पताल के मेडिसिन विभाग के हेड डॉक्टर एसपी बायोत्रा के मुताबिक जब दुनिया में कोविड-19 के इलाज के लिए कोई दवा है ही नहीं, तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बाहर के देशों में सकारात्मक असर देखने को मिला है, इसलिए हमने भी इसकी शुरुआत की है। उनके मुताबिक पहले दिन इस दवा का 1800mg दिन में दो बार मरीज को दिया जा सकता है। फिर बाद के दिनों में डोज को घटा कर 800mg किया जा सकता है।
डॉक्टर बायोत्रा इस दवा को गर्भवती महिलाओं, बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं, लीवर, किडनी के मरीजों पर इसका इस्तेमाल फिलहाल नहीं करने की सलाह देते हैं।
यानी जिन मरीजों को पहले से दूसरी बीमारी है, उन पर इस दवा के इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि नई दवाओं का ट्रायल अक्सर दूसरी बीमारी वाले मरीजों पर नहीं किया जाता है।
फिलहाल अपने मरीजों पर इसके असर के बारे में डॉक्टर बायोत्रा ने कुछ नहीं कहा है। उनके मुताबिक अभी एक दो दिन से ही उन्होंने इसका इस्तेमाल शुरू किया है। फैबिफ्लू का 34 टेबलेट का एक पूरा पत्ता आता है जिसकी कीमत बाजार में 3500 रुपए है। यानी एक दवा तकरीबन 103 रुपये की पड़ती है।