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HMPV: दुनियाभर में संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सामने आई राहत भरी खबर, ये जानकारी कर देगी हैरान

Mon, 13 Jan 2025 02:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिसंबर के मध्य में चीन से एचएमपीवी के इस नई लहर की शुरुआत हुई थी, जो देखते ही देखते दुनिया के कई देशों में फैल गया है। अब चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उत्तरी चीन में एचएमपीवी के मामलों में कमी आ रही है। पिछले वर्ष में इसी अवधि की तुलना में चीन में कुल मामले अभी भी कम हैं।
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एचएमपीवी को लेकर अध्ययन में बड़ा खुलासा - फोटो : Adobe stock
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विस्तार
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ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) भारत सहित दुनिया के कई देशों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। भारत में छह जनवरी को कर्नाटक में पहला मामला सामने आया था, इसके बाद से ये अब तक गुजरात-महाराष्ट्र सहित आठ से अधिक राज्यों में फैल गया है। बच्चों और बुजुर्गों में इस संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं, हालांकि अच्छी बात ये है कि संक्रमण के शिकार अधिकतर लोग आसानी से ठीक हो रहे हैं और गंभीर जटिलताएं नहीं देखी जा रही हैं।

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अध्ययनकर्ता बताते हैं, एचएमपीवी अधिकतर मामलों में हल्के लक्षणों वाली बीमारी पैदा करता है, हालांकि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या फिर जिन्हें पहले से सांस की कोई समस्या जैसे अस्थमा या ब्रोंकाइटिस की दिक्कत रही है, ऐसे लोगों में एचएमपीवी का संक्रमण इन बीमारियों को ट्रिगर करने वाला हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, ये संक्रमण लोगों को पहले भी होता रहा है, इतना ही नहीं पांच साल से कम उम्र के सभी बच्चे कभी न कभी इसकी चपेट में आते ही हैं। 



हालिया अध्ययनों में एचएमपीवी वायरस में दो नए म्यूटेशनों के बारे में पता चला है जिसे इन दिनों फैल रहे संक्रमण की मुख्य वजह माना जा रहा है। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के जारी जोखिमों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आ रही है।

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संक्रमण के मामलों में कमी - फोटो : Freepik.com
एचएमपीवी के मामलों में आ रही है कमी

दिसंबर के मध्य में चीन से एचएमपीवी के इस नई लहर की शुरुआत हुई थी, जो देखते ही देखते दुनिया के कई देशों में फैल गया है। अब चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उत्तरी चीन में एचएमपीवी के मामलों में कमी आ रही है। ये क्षेत्र इस संक्रामक रोग से काफी प्रभावित देखा जा रहा था। 

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार चीनी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र की शोधकर्ता वांग लिपिंग ने बताया कि वर्तमान में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। उत्तरी प्रांतों में सकारात्मक मामलों की दर घट रही है। हाल के दिनों में संक्रमण को लेकर की गई टेस्टिंग में 14 वर्ष और उससे कम आयु के रोगियों में पॉजिटिव मामलों की दर में गिरावट देखी गई है, जो राहत भरी खबर है।

संक्रमण की रफ्तार - फोटो : Freepik.com
पिछले साल की तुलना में चीन में अब भी संक्रमण के मामले कम

चीन में आपातकालीन चिकित्सा विभाग के उप-निदेशक गाओ शिनकियांग ने कहा, पिछले दिनों में देशभर के क्लीनिकों और आपातकालीन विभागों में श्वसन समस्याओं और बुखार की दिक्कत के साथ मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन पिछले वर्ष में इसी अवधि की तुलना में कुल मामले अभी भी कम हैं। दिसंबर के मध्य में मामले काफी तेजी से बढ़े थे, लेकिन पिछले दिनों की गई टेस्टिंग में अब इसमें कमी देखी जा रही है। 

यह वायरस दुनियाभर में एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के 4-16% तक के मामलों के लिए जिम्मेदार है और आमतौर पर सर्दी के महीनों में संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। अधिकांश लोगों में पिछले संक्रमण के बाद प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है। हालांकि जो शिशु पहली बार इस संक्रमण की चपेट में आते हैं उनमें रोग के गंभीर रूप लेने की खतरा अधिक हो सकता है।

एचएमपीवी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
भारत में कैसी है स्थिति

चीन में संक्रमण के मामलों में कमी राहत देने वाली जरूर है पर भारत में अब भी संक्रमण बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। यहां एक सप्ताह के भीतर ही वायरस का संक्रमण 7-8 राज्यों में फैल गया है। अमर उजाला से बातचीत में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, ज्यादातर संक्रमित पांच साल से कम उम्र के बच्चे या फिर 65 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग हैं। फिलहाल अच्छी बात ये रही है कि संक्रमितों को विशेष उपचार या आईसीयू आदि की जरूरत नहीं पड़ रही है और वे खुद से ठीक हो रहे हैं। 

इससे स्पष्ट होता है कि वायरस के कारण गभीर रोगों का खतरा नहीं देखा गया है।
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सांस की समस्या - फोटो : Freepik.com
संक्रमण से बचाव के लिए करते रहें उपाय

एचएमपीवी को लेकर अब तक के अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ स्थितियों में वायरस का संक्रमण किडनी से संबंधित समस्याओं का भी कारण बन सकता है। 

विशेषज्ञ वायरस और अन्य सांस संबंधी रोगों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, जिसमें नियमित रूप से हाथ धोना, यदि संभव हो तो भीड़ से बचना और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना शामिल है।



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स्रोत और संदर्भ
The rate of HMPV infections in northern China is declining, Chinese health official says


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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