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Dehydration: शरीर में होता है 60-65% पानी फिर कैसे हो जाता है डिहाइड्रेशन? समझिए इसके पीछे का पूरा साइंस

Thu, 23 Apr 2026 07:57 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हमारे शरीर में 65-70 प्रतिशत की मात्रा पानी-तरल पदार्थों की होती है। मतलब शरीर में पर्याप्त तरल मौजूद होते हैं, ऐसे में सवाल है कि गर्मियों में फिर हमारा शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार कैसे हो जाता है? आखिर इसके पीछे क्या कारण है? आइए इसे समझते हैं।
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शरीर में पानी की कमी - फोटो : Amarujala.com/AI
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विस्तार
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राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित देश के ज्यादातर हिस्सों में जारी भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने स्वास्थ्य से संबंधित तमाम तरह के जोखिमों को बढ़ा दिया है। गर्मियों के इस मौसम में सबसे ज्यादा जोखिम डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी का होता है। डिहाइड्रेशन के कारण हल्के से लेकर गंभीर, कई तरह के खतरे हो सकते हैं। पहले से ही किसी क्रॉनिक बीमारी जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या फिर हृदय रोगों के शिकार व्यक्तियों के लिए डिहाइड्रेशन जानलेवा जोखिम तक पैदा कर सकता है।

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हम अक्सर सुनते हैं कि इंसानी शरीर का लगभग 60-65% हिस्सा पानी या तरल पदार्थों का होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब शरीर पहले से ही इतना तरल से भरा हुआ है, तो गर्मियों में डिहाइड्रेशन की समस्या क्यों हो जाती है? गर्मियों में शरीर का पूरा पानी कहां चला जाता है।

आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

इंसानी शरीर में पानी की मात्रा - फोटो : Adobe Stock
शरीर में पानी और तरल पदार्थों की मात्रा

तरल पदार्थों से भरपूर हमारे शरीर में गर्मियों में पानी की कमी क्यों हो जाती है, इसे समझने के लिए पहले ये जानना जरूरी है कि शरीर में पानी कहां-कहां होता है? और ये शरीर के तमाम कार्यों में कैसे मदद करता है? 
 
  • हमारे शरीर का अधिकतम हिस्सा पानी होता है, जिसका औसत लगभग 60-65% होता है। शरीर में पानी की मात्रा अलग-अलग स्थितियों जैसे कि उम्र, लिंग और हाइड्रेशन के स्तर के हिसाब से थोड़ी-बहुत बदल सकती है।
  • उदाहरण के लिए, बच्चों के शरीर में पानी का प्रतिशत ज्यादा होता है, जो उम्र बढ़ने के साथ-साथ कम होता जाता है।
  • इसके अलावा, शरीर की बनावट जैसी दूसरी चीजें भी इसमें भूमिका निभाती हैं, क्योंकि मांसपेशियों के मुकाबले चर्बी वाले टिशू में पानी कम होता है।
  • महिलाओं के शरीर में फैट की मात्रा आमतौर पर ज्यादा होती है यही कारण है कि पुरुषों के शरीर की तुलना में महिलाओं में पानी का प्रतिशत कम होता है।


(ये भी पढ़िए- धूप से लौटते ही कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हैं ये गलतियां? बिगड़ सकती है तबीयत)

शरीर में पानी क्या-क्या काम करता है? - फोटो : Adobe Stock Images
शरीर में पानी कहां-कहां होता है?

हमारा शरीर पानी का भंडार नहीं है। ऐसा नहीं है कि पानी कहीं एक ही जगह पर हो, बल्कि यह एक बेहद जटिल वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम की तरह है। पानी पूरे शरीर में मौजूद होता है। शरीर के कुल पानी का लगभग 60% हिस्सा कोशिकाओं में होता है, जबकि बाकी पानी कोशिकाओं के बाहर जैसे कि खून में मौजूद होता है।

कुछ अंगों में दूसरे की तुलना में ज्यादा पानी होता है। उदाहरण के लिए फेफड़े, मांसपेशियों और किडनी में पानी की मात्रा सबसे ज्यादा होती है, जबकि हड्डियों में यह अनुपात सबसे कम होता है।
 
  • चूंकि शरीर का पानी किसी टैंक की तरह एक जगह स्टोर नहीं होता है इसलिए हमें इसके बैलेंस को बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की जरूरत होती है। शरीर के सभी कार्यों को ठीक से चलाने के लिए पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है। 
  • जब शरीर का तापमान बढ़ता है तो शरीर खुद को ठंडा करने के लिए पसीना निकालता है, इसमें पानी का सबसे ज्यादा उपयोग होता है।
  • कोशिकाओं का काम करने के लिए पानी की निरंतर जरूरत होती है।
  • शरीर से बेकार चीजों को बाहर निकालने के लिए पानी जरूरी है। इसमें भी पानी की ज्यादा जरूरत होती है।
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डिहाइड्रेशन का खतरा - फोटो : Amarujala.com
गर्मियों में क्यों होने लगती है पानी की कमी?

शरीर में मौजूद हर बूंद पानी का एक काम है चाहे वह खून को बहने में मदद करना हो या शरीर का तापमान नियंत्रित करना हो, पाचन को आसान बनाना हो या फिर कोशिकाओं तक पोषण पहुंचाना हो।

गर्मियों में यही संतुलन बिगड़ जाता है। तेज गर्मी, पसीना, धूप और बढ़ी हुई मेटाबोलिक गतिविधियां शरीर में पानी की जरूरतों को बढ़ाने लगती हैं।
 
  • गर्मी में जब हमारे शरीर से पसीना निकलता है, तो पसीने के रूप में पानी के साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम, पोटैशियम भी शरीर से बाहर निकल जाते हैं। गर्मियों में डिहाइड्रेशन का मुख्य कारण शरीर से पानी का तेजी से निकलना और उसकी पर्याप्त भरपाई न होना।
  • इसके अलावा कैफीन या अल्कोहल जैसे पेय पदार्थों की प्रकृति ऐसी होती है कि ये शरीर से पानी तेजी से बाहर निकालते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा और बढ़ जाता है।
  • इसलिए, गर्मियों में शरीर के 65-70% पानी होने के बावजूद, अगर आप नियमित रूप से पानी नहीं पीते तो डिहाइड्रेशन हो सकता है।



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स्रोत: 
Extracellular to Intracellular Body Water and Cognitive Function among Healthy Older and Younger Adults


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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