छाती की समस्याओं से मिल सकता है चेस्ट फिजियोथेरपी से लाभ
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इन दिनों लोग तमाम तरह के उपायों को प्रयोग में ला रहे हैं। संक्रमण की दूसरी लहर में वायरस, फेफड़ों और छाती को काफी क्षति पहुंचा रहा है। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों को कहना कि जिन लोगों को संक्रमण के कारण छाती में समस्याएं हो गई हैं, उन्हें चेस्ट फिजियोथेरपी से काफी लाभ मिल सकता है। पर यह पद्धति कैसे काम करती है और इससे किस प्रकार से फायदा मिल सकता है, आइए जानते हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर शनिवार को हुई चर्चा में हमने विशेषज्ञ से इसी विषय के बारे में जानने की कोशिश की। इस दौरान इंद्रप्रस्थ अपोलो दिल्ली में छाती रोग विशेषज्ञ डॉ विनी कंतरू ने सभी सवालों के जवाब दिए।
कोरोना में कितनी कामयाब है यह थेरपी
डॉ विनी बताती हैं कि चेस्ट फिजियोथेरपी, कोविड-19 के रोगियों में काफी फायदेमंद हो सकती है। छाती के अंदर बलगम फंसने और सूखापन आ जाने के कारण सांस लेने में होने वाली दिक्कतों को ठीक करने में यह थेरपी कारगर साबित हो सकती है। इसके लिए विशेषज्ञ फिजियोथेरपिस्ट आपको फेफड़ों के अभ्यास के सही तरीकों के बारे में बताते हैं, जिससे रोगी को तेजी से लाभ मिल सकता है।
कई तरह की जटिलताओं को दूर करने में चेस्ट फिजियोथेरपी है सहायक
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चेस्ट फिजियोथेरपी की जरूरत कब होती है?
कई बार आईसीयू में भर्ती रोगी सही तरीके से सहयोग नहीं कर पाते हैं, ऐसे में भी चेस्ट फिजियोथेरपी के माध्यम से उनके फेफड़ों में जमे बलगम को निकालने और रोगी के लिए सांस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने में इस थेरपी से मदद मिल सकती है। लंबी सांस लेने वाले व्यायामों के सही तरीकों को सिखाने में भी फिजियोथेरपिस्ट आपकी मदद कर सकते हैं।
इन रोगियों के लिए भी है जरूरी
डॉ विनी बताती हैं कि कोरोना कई तरह की अन्य गंभीर बीमारी वाले लोगों के लिए भी जटिलताएं पैदा कर रहा है। कई रोगियों की हालत इतनी बिगड़ जाती है कि उनसे सामान्य तरीके से मूवमेंट भी नहीं हो पाता है, ऐसे रोगियों को भी फिजियोथेरपी से काफी लाभ मिल सकता है। रोगियों को ठीक होने में दवा के साथ उनकी मूवमेंट भी बहुत आवश्यक होती है।
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नोट: यह लेख इंद्रप्रस्थ अपोलो दिल्ली में छाती रोग विशेषज्ञ डॉ विनी कंतरू से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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