दिल्ली में सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन 'रन फॉर होम्योपैथी' हाफ मैराथन का आयोजन होने जा रहा है। इसमें दिल्ली-एनसीआर के होम्योपैथिक चिकित्सक एवं विद्यार्थी होम्योपैथी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दौड़ेंगे। मैराथन का आयोजन सुबह सात बजे होगा। गौरतलब है कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन कई कार्यक्रमों का आयोजन होता है। यह पहली बार है जब दिल्ली में होम्योपैथी इलाज को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए हाफ मैराथन आयोजित हो रही है।
डॉक्टर डीडी विचित्रा का कहना है कि यह हाफ मैराथन पहले इंडिया गेट से लेकर राजपथ तक होने वाली थी। लेकिन अब मेजर ध्यानचंद्र स्टेडियन से शुरू होगी और वहीं पर खत्म हो जाएगा। डीडी विचित्रा के मुताबिक, इस मैराथन के जरिए हम लोगों को संदेश देना चाहते हैं कि होम्योपैथी सबसे सुरक्षित इलाज है। होम्योपैथी के जरिए असाध्य रोगों का इलाज भी संभव है। उनका कहना है कि हर मरीज को सबसे पहले होम्योपैथी उपचार ही लेना चाहिए। एलोपैथी दवाइयों से जहां मरीज को फौरन लाभ तो होता है वहीं, इसके कई साइड इफेक्ट भी होते हैं। जबकि होम्योपैथिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इन दवाओं का स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।