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Heart Problem:अध्ययन में हृदय रोगों के 'हिडेन रिस्क' का खुलासा, महिलाएं हो जाएं सावधान; जानिए महत्वपूर्ण बातें

Sun, 13 Jul 2025 07:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • लीसेस्टर इंग्लैंड के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में हृदय से संबंधित गंभीर समस्याओं का खतरा पुरुषों की तुलना में लगभग दोगुना होता है।
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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Type-2 Diabetes And Heart Disease: हृदय रोगों के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यहां तक कि हाल के वर्षों में 20 से कम उम्र के लोगों में न सिर्फ हार्ट अटैक बल्कि इससे मौत के मामले भी बढ़े हैं। इन जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सावधान रहने की सलाह देते हैं। लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी हृदय रोगों का प्रमुख कारण है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसी स्थितियां भी आपमें हृदय संबंधित समस्याओं के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। 

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अध्ययनकर्ता बताते हैं, जिन लोगों को पहले से डायबिटीज की समस्या रही है उन्हें हृदय स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए। एक हालिया शोध की रिपोर्ट में विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं में हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा पुरुषों की तुलना में अधिक होता है, ऐसी महिलाओं को विशेष सावधान रहना चाहिए।

डयबिटीज और हृदय रोगों का संबंध - फोटो : Freepik.com
पहले डायबिटीज और हृदय रोगों का कनेक्शन जान लीजिए

डॉक्टर बताते हैं, डायबिटीज केवल ब्लड शुगर बढ़ने से जुड़ी बीमारी नहीं है, बल्कि ये पूरे शरीर को प्रभावित करती है, खासकर दिल को। कई शोध बताते हैं कि डायबिटीज से ग्रसित लोगों में दिल की बीमारियों का खतरा सामान्य लोगों के मुकाबले 2 से 4 गुना ज्यादा होता है। ये सिर्फ हार्ट अटैक या स्ट्रोक तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और रक्त नलिकाओं से जुड़ी समस्याएं भी इसमें शामिल हैं। पर सवाल है, ऐसा क्यों होता है?

इसका जवाब छिपा है हमारे शरीर के अंदर चल रही सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में। इसे इन दो प्वाइंट्स में समझिए।
  • असल में जब शरीर में शुगर ज्यादा समय तक बढ़ा रहता है, तो ये रक्त धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगता है। इससे धमनियां सख्त और संकरी हो जाती हैं, जो दिल तक ऑक्सीजन की सप्लाई को रोकती हैं।
  • इसके अलावा टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। इससे धमनियों में प्लाक जमने लगता है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

(ये भी पढ़िए- हृदय रोगों की नहीं है फैमिली हिस्ट्री, तो क्या हार्ट अटैक से सुरक्षित हैं आप? डॉक्टर से जानिए)

महिलाओं में हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : Freepik.com
अब अध्ययन की बात

इन्हीं जोखिमों के बारे में लीसेस्टर इंग्लैंड के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं में हृदय से संबंधित गंभीर समस्याओं का खतरा पुरुषों की तुलना में लगभग दोगुना होता है। यह शोध लिंग आधारित हृदय रोगों के जोखिमों कोरोनरी माइक्रोवैस्कुलर डिसफंक्शन (सीएमडी) पर सबसे विस्तृत जांचों में से एक है।

सीएमडी हृदय की सबसे छोटी वाहिकाओं में रक्त प्रवाह में बाधा के कारण होने वाली प्रारंभिक और साइलेंट स्थिति है जिससे हार्ट डैमेज होने का खतरा बढ़ने लगता है।

हृदय से संबंधित समस्याएं - फोटो : Freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

उन्नत स्तर के एमआरआई स्कैन और चार अध्ययनों से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने पाया कि टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित 46% महिलाओं में सीएमडी के लक्षण थे, जबकि पुरुषों में यह केवल 26% था।

यूनिवर्सिटी ऑफ लीसेस्टर में इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता गेरी मैककैन कहते हैं, इस अध्ययन में हमने पाया कि डायबिटीज की शिकार महिलाों में हृदय रोग के संकेत अधिक हो सकते हैं, कई स्थितियों में ये नियमित जांचों में पता भी नहीं चल पाता है।

इस अध्ययन को उल्लेखनीय बनाने वाली बात यह है कि सभी प्रतिभागियों में पहले से कोई लक्षण नहीं थे, यानी उन्हें कोई हृदय संबंधी समस्या नहीं थी, सीने में दर्द नहीं था और न ही सांस लेने में तकलीफ थी। फिर भी स्कैन कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे।

अध्ययन में यह भी पाया गया कि सीएमडी के कारक लिंग के आधार पर अलग-अलग होते हैं। महिलाओं में, सीएमडी का सबसे ज्यादा संबंध उनके शारीरिक वजन से था, जबकि पुरुषों में उच्च रक्तचाप को प्रमुख कारक पाया गया है।
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हार्ट डिजीज और इसके मामले - फोटो : adobe stock images
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?

अध्ययनकर्ता बताते हैं, रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि हमें हृदय संबंधी जोखिमों के आकलन के तरीके पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। इन निष्कर्षों के भविष्य की रोकथाम रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं। महिलाओं के लिए वजन कम करने और पुरुषों के लिए रक्तचाप नियंत्रण जैसे उपाय हृदय रोगों के खतरे को कम करने में मददगार हो सकते हैं। जिन लोगों को पहले से डायबिटीज की दिक्कत है उन लोगों को और भी सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।



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स्रोत
New Leicester study reveals hidden heart risks in women with Type 2 Diabetes


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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