लाइन चुराई हुई है पर अच्छी है। चुभती जलती गर्मी का मौसम आया। ये मौसम वेट गेन करने का नहीं है भाई। बहुत कम लोग होते हैं जो इस मौसम में साइज बढ़ा पाते हैं।
आज से शुरू होकर बरसात तक चलने वाला मौसम बॉडी को शेप में लाने वाला होता है। यहां आपको एक बड़ी मजेदार बात बता दूं। बिना शेप वाला 16 इंच का आर्म शेप-कट्स वाले 15 इंच के आर्म से कम लगता है। तो.. चलो शेप बनाते हैं।
अब आपको ऐसे वर्कआउट शेड्यूल को चुनना चाहिए जो अपने आप में कंप्लीट हो। यानी पावर, शेप और साइज तीनों शामिल हों। ऐसे एक शेड्यूल की जानकारी मुझे है। इसके दो हिस्से हैं। पहले हिस्से पर हम बात कर लेते हैं, अगला हिस्सा अगली बार। हफ्ते में सिर्फ तीन दिन ही एक्सरसाइज करनी है। पहले शेड्यूल में छह एक्सरसाइज हैं।
1 डेड लिफ्ट : तीन सेट, पांच से छह रैप
2 चिन अप : तीन सेट, छह से आठ रैप
3 डंबल लंजेस : तीन सेट, छह से आठ रैप
4 सिंगल हैंड शोल्डर प्रेस विद डंबल : तीन सेट, छह से आठ रैप
5 रियर लेटरल रेज ऑन फ्लैट बेंच : तीन सेट, आठ रैप
6 डंबल साइड क्रंचेज : तीन सेट, दस से बारह रैप।
शेड्यूल पार्ट 2
इस वर्ककाउट में कुल छह कसरते हैं। आप पहली कसरत का एक सेट लगाकर तुरंत दूसरी कसरत का एक सेट लगाएं फिर आराम करें। इस तरह इन्हें दो-दो के जोड़े में करें।
कसरत सेट रैप
स्क्वेट 3 6
डंबल रो 3 6
स्ट्रेट लेग डेड लिफ्ट 3 6
क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस 3 6
बारबेल कर्ल 3 8
हैंगिंग लेग रेज 3 8
यहां भी कुल छह कसरते हैं। पहली कसरत का सेट लगाने के तुरंत बाद दूसरी कसरत का एक सेट लगाएं। जब शुरू की दोनों कसरतों के तीन-तीन सेट हो जाएं तो फिर कसरत नंबर तीन और चार को शुरू करें।
आप चाहें तो इन एक्सरसाइज में वेट कम करके रैप बढ़ा लें। इन दोनों वर्कआउट के बाद आपको किसी और कसरत की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि अगर आप चेस्ट को लेकर बहुत संजीदा हैं तो बीच में एक दिन दो सेट चेस्ट के लगा सकते हैं।