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Heart Attack: बच्चे हों या वयस्क किसी को भी हो सकता है हार्ट अटैक, मोटापा के शिकार लोगों में खतरा और भी अधिक

Mon, 14 Apr 2025 09:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

20 से कम उम्र वालों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने लोगों को काफी डरा दिया है। ये भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या हार्ट अटैक से अब कोई भी सुरक्षित नहीं है? बच्चे-युवा, वयस्क हर उम्र के लोगों में बढ़ते इस जानलेवा मामले के क्या कारण हैं?
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
हृदय रोग और इससे संबंधित बीमारियों का खतरा अब किशोरों को भी अपना शिकार बनाती जा रही है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े उठाकर देखें तो पता चलता है कि 20 से कम उम्र के लोगों में भी हृदय से संबंधित समस्याएं, हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं।

हालिया मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है, जहां आईआईटी की तैयारी कर रहे 18 वर्षीय छात्र की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक छात्र 11वीं कक्षा में पढ़ता था। शुक्रवार देर रात तक वह पढ़ाई कर रहा था, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन और अन्य लोग उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। 

इससे पहले 6 अप्रैल को इंदौर के द्वारकापुरी में भी एक 18 साल के युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। रात को उसे सीने में तेज दर्द उठा और घबराहट महसूस हुई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

20 से कम उम्र वालों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने लोगों को काफी डरा दिया है। ये भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या हार्ट अटैक से अब कोई भी सुरक्षित नहीं है?
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बच्चे भी हो रहे हार्ट अटैक का शिकार - फोटो : Freepik.com
बच्चों में भी देखे जाते रहे हैं हार्ट अटैक के मामले

कुछ दशकों पहले तक हृदय संबंधित समस्याओं को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी के रूप में जाना जाता था, हालांकि अब सभी उम्र के लोगों में ये दिक्कत देखी जा रही है। हाल के वर्षों में बच्चों में भी हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट के मामले सामने आए थे। सितंबर 2023 में गुजरात में छठवीं कक्षा के एक बच्चे की सडेन हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, उसकी उम्र महज 12 साल की थी। यहां पढ़िए पूरी खबर

बच्चे-युवा, वयस्क हर उम्र के लोगों में बढ़ते इस जानलेवा मामले के क्या कारण हैं? आइए जानते हैं।
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हृदय से संबंधित समस्याओं का जोखिम - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

नेशनल सेंटर फॉर हेल्थ स्टैटिस्टिक्स (एनसीएचएस) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 में 18 से 40 वर्ष की आयु के केवल 0.3% अमेरिकी वयस्कों को दिल का दौरा पड़ा था। इस आयु वर्ग में हार्ट अटैक के मामले अभी भी दुर्लभ माने जाते हैं, हालांकि पिछले चार-पांच वर्षों में इसमें काफी वृद्धि हुई है। 

कोलंबिया विश्वविद्यालय में हृदय रोग विशेषज्ञ और महामारी विज्ञानी डॉ. एंड्रयू मोरन कहते हैं, दुनियाभर में हृदय रोगों के मामलों के लिए मोटापा की समस्या एक प्रमुख कारक हो सकती है। अगर वजन को कंट्रोल कर लिया जाए तो हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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मोटापा और हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe stock photos
मोटापा के कारण बढ़ रहा है हृदय रोगों का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा की स्थिति उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल के साथ टाइप-2 डायबिटीज जैसी समस्याओं को बढ़ाने वाली मानी जाती है।

अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा सीधे तौर पर डायस्टोलिक डिसफंक्शन का कारण बनती है जिसके कारण हृदय फेलियर का खतरा हो जाता है। मोटापे से ग्रस्त रोगियों में हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों का जोखिम रहता है जिसके कारण हार्ट अटैक की दिक्कत हो सकती है।
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हृदय रोग - फोटो : Freepik.com
इन साइलेंट संकेतों को भी जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक के कई लक्षण साइलेंट भी होते हैं जिसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। अगर आपको अस्पष्ट रूप से थकान, सांस लेने में तकलीफ या पसीना आने की दिक्कत बनी रहती है तो आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। इसके अलावा यदि आपको बिना किसी शारीरिक मेहनत के अत्यधिक पसीना आता है तो ये भी हार्ट अटैक और हृदय रोगों का गंभीर संकेत हो सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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