देसी घी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना गया है और इसका मुख्य कारण है कि देशी घी बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाता है। घी फैट का एक स्वस्थ स्त्रोत है और बहुत अधिक मात्रा में उर्जा भी देता है। जो कि बच्चे की प्रारंभिक अवस्था के दौरान बच्चे के विकास और वृद्धि के लिए बेहद जरुरी है। देशी घी के सेवन से बच्चे ऊर्जावान रहते हैं और बच्चों के विकास के लिए ऊर्जा बहुत जरुरी है। देसी घी बहुत ही आसानी से पच जाता है और बच्चे की दिमाग की वृद्धि में मदद करता है।
बच्चों को घी देते वक्त उसके वजन के हिसाब से घी की मात्रा तय कर लें। अगर बच्चे का वजन ज्यादा है तो कम मात्रा में घी दें और अगर वजन कम है तो ज्यादा मात्रा में घी दें। बच्चों के नाक में घी डालने से एलर्जी से निजात मिलता है। देसी घी में हाई-न्यूट्रिशनल वैल्यू है। इसे खाने से बच्चों का वजन भी बढ़ता है और ताकत भी मिलती है। आठ महीने के बाद बच्चे को घी खिला सकते हैं। दलिया, दाल या रोटी पर भी घी लगाकर खिला सकते हैं। बच्चे के पहला साल मस्तिष्क के विकास के लिए घी बहुत जरुरी होता है। दिमाग का 60 फीसदी हिस्सा फैट से तैयार होता है। इसलिए देसी घी बहुत जरुरी है। गाय के देसी घ से बच्चे के शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। ऐसे में बच्चों को घी देना बहुत जरुरी है।
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