पिछले कुछ सालों से फिश स्पा और पेडीक्योर काफी चलन में हैं। छोटी-छोटी मछलियों से भरे हुए टैंक में अपने पैर डालकर मृत कोशिकाओं को निकलवाने के बारे में सुनकर ही काफी अच्छा लगने लगता है। हर मॉल में फिश पेडीक्योर का स्टॉल आसानी से मिल ही जाता है जिस पर जाकर हमारी नजरें जा टिकती हैं। क्या आप फिश स्पा कराती हैं? या फिर अगर आप फिश स्पा कराने का सोच रही हैं? तो एक बार ये खबर जरूर पढ़ लें।
विज्ञापन
2 of 5
fish spa
जो मछलियां आपको मसाज के आनंद के साथ आपकी स्किन को निखार देती हैं, यह फिश स्पा आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट ने फिश स्पा कराने वालो को चेतावनी दी है कि इससे एचआईवी और हेपेटाइटिस C जैसी खतरनाक बीमारियां फैल सकती हैं।
विज्ञापन
3 of 5
fish spa
गवर्नमेंट हेल्थ प्रोटेक्शन एजेंसी द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक, डायबिटीज या जिनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर हैं, ऐसे लोगों को फिश स्पा से दूर ही रहना चाहिए क्योंकि ये लोग इसका शिकार हो सकते हैं। पिछले काफी समय में कई ऐसे केस सामने आए हैं जिसमें लोग फिश स्पा के दौरान वायरस की चपेट में आ गए।
4 of 5
fish spa
गाइडलाइन में यह भी बताया गया है कि अगर फिश टैंक का पानी नहीं बदला जा रहा है तो एक कस्टमर से दूसरे कस्टमर को इन्फेक्शन हो सकता है। वहीं अगर कोई कस्टमर एचआईवी वायरस या हेपेटाइटिस से पीड़ित है और पेडिक्योर के दौरान खून निकलता है तो इन्फेक्शन फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
कुछ समय से आ रही ऐसी शिकायतों को देखते हुए यूएस के कुछ राज्यों में फिश स्पा को बैन कर दिया गया है, क्योंकि खुले घावों के जरिए सीधे इन्फेक्शन फैलने का खतरा रहता है। बता दें कि इस ट्रीटमेंट में छोटी-छोटी मछलियां ग्राहकों की डेड स्किन पर हमला कर त्वचा का निखारने में मदद करती हैं।