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महामारी में बुजुर्ग डरें या घबराएं नहीं, सेहत को लेकर रहें सजग

Sun, 26 Jul 2020 09:35 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली।

सार

  • मेंटल हेल्थ से जुड़े चिकित्सकों ने दी बुजुर्गों को यह सलाह
  • घर-परिवार के दूसरे सदस्यों को वीडियो कॉल के जरिये जोड़ें
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मास्क लगाए एक बुजुर्ग (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
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कोरोना से अधिक खतरा बुजुर्गों को है। अमेरिकी संस्था सीडीसी के अनुसार, अधिक उम्र के बुजुर्गों के संक्रमण के बाद भर्ती होने की संख्या अन्य से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार 31 से 59 फीसदी मरीजों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है। इनमें से चार से 11 फीसदी की मौत संक्रमण से हो गई।

बंगलूरू स्थित निम्हांस के मनोरोग विभाग के डॉ. शिवाकुमार पीटी, डॉ. शिवशंकर रेड्डी और डॉ. प्रीति सिन्हा का कहना है, महामारी के बीच बुजुर्गों को डरना और घबराना नहीं है। सेहत को लेकर सजग रहना है। इससे तन-मन दोनों स्वस्थ रहेंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
डर से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित
बुजुर्ग लोगों को कोरोना के खतरों के बारे में बताना होगा, लेकिन इस तरह कि क्या सावधानी बरतनी है। मौतों और महामारी के बढ़ते प्रकोप को बताने से तनाव, घबराहट व अन्य मानसिक तकलीफें बढ़ सकती हैं। घर में घुटन महसूस हो सकती है। उनके साथ समय बिताएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
बुजुर्गों को डिजिटल दुनिया में लाएं
घर के बुजुर्ग महामारी के कारण लंबे समय से घरों में कैद हैं तो उन्हें भी डिजिटल दुनिया में सीमित समय के लिए लेकर आएं। घर-परिवार के जो सदस्य बाहर रहते हैं, उनसे वीडियो कॉल कराएं। हंसी-मजाक वाले वीडियो दिखाएं। समय-समय पर उनसे पूछते रहें कि उन्हें क्या पसंद है। जो वो सबसे अधिक चीज पसंद करते हैं, उन्हें करने दें।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PIXABAY
बुजुर्गों को हो सकती हैं ये तकलीफें
बुजुर्गों को अनिद्रा, घबराहट, डर, उदासी, पैनिक अटैक, रात को डरावने सपने, खाली-खालीपन महसूस होना, कोरोना होने का डर या दूसरों के संक्रमित होने का डर जैसी चीजें उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ लोग तनाव के कारण अवसादग्रस्त हो सकते हैं। बच्चों और परिवार की चिंता से उनका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। समय के साथ तकलीफ बढ़ भी सकती है।
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मनोरोग पीड़ित बुजुर्गों पर अधिक ध्यान...
मनोरोगी बुजुर्गों पर ध्यान देने की जरूरत है। तनाव और बड़बड़ाने की तकलीफ बढ़ सकती है। तनाव वाले मरीज सामान्य हालत में हैं, लेकिन दवा ले रहे हैं, उचित देखभाल न होने पर उनकी तकलीफ दोबारा उभर सकती है।

क्या करें, क्या नहीं
  • किसी परिस्थिति को लेकर बिलकुल न घबराएं
  • खानपान पौष्टिक रखें, दवा समय पर लेते रहें
  • हाथ साफ रखें और साफ सुथरे कपड़े पहनें
  • कमरे में पूरी साफ सफाई रखें
  • कमरे में सीमित लोग ही जाएं
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