किसी भी व्यायाम की शुरुआत में स्ट्रेच (खींचतान) करने से आपको सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। लेकिन व्यायाम के दौरान यही स्ट्रेचिंग आपके शरीर को लचीला व फुर्तीला बनाती है। व्यायाम के दौरान धीरे-धीरे शरीर को स्ट्रेच करने से जहां व्यायाम करने की क्षमता बढ़ती है वहीं उसके लाभ भी तुरंत नजर आने लगते हैं।
स्ट्रेचिंग के लिए यह भी जरूरी है कि आप व्यायाम के किस स्तर पर खुद को कितना स्ट्रेच करते हैं। खासतौर पर व्यायाम के पहले वार्म अप के लिए स्ट्रेचिंग की सलाह अधिकतर फिटनेस ट्रेनर देते हैं।
क्यों जरूरी है स्ट्रेचिंग
शरीर को नियमित रूप से स्ट्रेच करने से जहां आपकी क्षमता बढ़ेगी वहीं व्यायाम के दौरान किसी चोट के लगने का रिस्क भी कम होगा। स्ट्रेचिंग मांसपेशियों के तनाव को कम करती है और आपकी मुद्रा यानी पॉश्चर को बेहतर करती है। स्ट्रेचिंग की मदद से कमर के निचले हिस्से के दर्द को कम करने में भी मदद मिल सकती है।इससे शरीर की कोशिकाओं में खून व पोषक तत्व बिना किसी अवरोध के पहुंचते हैं। शरीर के संतुलन को बनाने में भी यह मददगार है। इससे तनाव कम होता है।
स्ट्रेचिंग का सही तरीका
स्ट्रेचिंग का सबसे सही समय तब है जब आपकी मांसपेशियां अधिक जकड़ी न हों। व्यायाम के पहले स्ट्रेचिंग जरूर करें लेकिन इसके पहले थोड़ा वार्म अप करें जिससे मांसपेशियों को नुकसान न हो।एक जगह पर स्ट्रेचिंग करते वक्त उछले नहीं। एक आरामदयक मुद्रा अपनाएं और आराम से मांसपेशियों को खुला छोड़कर खींचे। इसके लिए ज्यादा जोर लगाने की आवश्यकता नहीं। 15 से 30 मिनट तक मांसपेशियों को खींचकर उसी अवस्था में रहें और फिर आराम से छोड़ दें। व्यायाम के बीच में भी ब्रेक के लिए शरीर को स्ट्रेच कर सकते हैं। शरीर को स्ट्रेच करने के लिए योग का भी सहारा ले सकते हैं जिससे आपका शरीर और लचीला हो जाएगा।