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स्मोकिंग की गिरफ्त में दिल्ली-एनसीआर, हर तीसरे में से एक व्यक्ति को धुएं की लत  

Wed, 10 Jul 2019 02:08 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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स्मोकिंग - फोटो : pixabay
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दिल्ली-एनसीआर में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में धूम्रपान की लत बढ़ रही है। यहां 15 से लेकर 50 साल की उम्र वाला हर तीसरे में से एक व्यक्ति धूम्रपान का आदी है। सबसे बड़ी चिंता की वजह है कि इनमें से आधे से ज्यादा स्मोकिंग की लत वालों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे में बताया गया है कि अवसाद को दूर करने के लिए दिल्ली-एनसीआर वाले सिगरेट की लत के आदी हो रहे हैं।

 

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Smoking
इससे भी बड़ी चिंता की वजह है कि यहां रहने वाले पढ़े-लिखे युवा अवसाद की वजह से सिगरेट पी रहे हैं। ये लोग धूम्रपान की शरण में अपने अवसाद को कम करने के लिए जा रहे हैं। हालांकि दिल्ली-एनसीआर ही नहीं बल्कि पूरा भारत ही तंबाकू की चपेट में है। विभिन्न रिपोर्ट इस बात की तस्दीक करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी कहना है कि भारत उन देशों की सूची में शामिल है जहां तंबाकू की वजह से सबसे ज्यादा मौतें होती हैं और लोग बीमार पड़ते हैं।   
 

smoking
'अंडरस्टेंडिंग स्मोकिंग अटीट्यूड इन यूथ' सर्वे का कहना है कि काम के अवसाद की वजह से दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले युवा ज्यादा सिगरेट पी रहे हैं। इस सर्वे को गुड़गाव स्थित एक हेल्थ फाउंडेशन ने कराया है। इस सर्वे की शोध प्रमुख डॉक्टर निकिता का कहना है कि नीति-नियंताओं को चाहिए कि वह धूम्रपान के बढ़ते लत पर रोक लगाए। इसके लिए पुख्ता संरचना होनी चाहिए जो कि आंकड़ों में हो। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा की ही तरह नौकरियों में भी स्ट्रेस मैनेजमेंट को जरूरी हिस्सा बनाना चाहिए ताकि सिगरेट के दुष्परिणामों को नई नौकरी ज्वॉइन करने वाले लोगों को बताया जा सके।
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अभिभावकों का सिगरेट पीना बच्चों के लिए नुकसानदायक - फोटो : pixabay
कहीं आपको भी तो नहीं है सिगरेट की लत?
अगर आपको भी सिगरेट पीने की लत है तो इसे फौरन छोड़ दें क्योंकि सिगरेट आपको कई तरह की बीमारी दे सकती है। तंबाकू और धूम्रपान के सेवन से आपको फेफड़े के कैंसर से लेकर अस्थमा और हृदय से जुड़ी बीमारियां तक हो सकती हैं।सिगरेट आपको धीमा जहर देकर मारती है। उसका धुआं आपके फेफड़ों को टार में तब्दील कर देता है। आप अपनी इच्छाशक्ति से ही सिगरेट छोड़  सकते हैं।

सिगरेट सिर्फ आपको ही प्रभावित नहीं करती बल्कि आपका परिवार भी इससे प्रभावित होता है। हाल ही में हुए एक सर्वे में बताया गया था कि जो पिता ज्यादा सिगरेट पीते हैं उनके बच्चों के शुक्राणुओं की संख्या में गिरावट आ जाती है। यह गिरावट 10 फीसदी से ज्यादा होती है। यह शोध वियना में यूरोपियन सोसायटी ऑफ ह्युमन रिप्रोडक्शन एंड इम्ब्रायोलॉजी में पेश किया गया था। 
 
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