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Covid-19: जानिए कहां तक पहुंचा वैक्सीनों पर चल रहा काम, यहां मिलेगी पूरी जानकारी

Fri, 04 Dec 2020 04:35 PM IST
गौरव पाण्डेय हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : पेक्सेल्स
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कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौर में लोगों को एक ही खबर का बेसब्री से इंतजार है। और वह खबर है इस जानलेवा महामारी की वैक्सीन की। हमारे वैज्ञानिक भी यह वैक्सीन विकसित करने में दिन-रात लगे हुए हैं। यही वजह है आए दिन हमें किसी न किसी नई वैक्सीन की जानकारी मिलती रहती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की कितनी वैक्सीन पर काम चल रहा है और यह काम कहां तक पहुंचा है।

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  • 41 संभावित वैक्सीन ऐसी हैं जिनका पहले चरण का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है। इनका ट्रायल लोगों के छोटे समूहों पर किया जा रहा है। 
  • 17 संभावित वैक्सीन दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल में हैं। इन वैक्सीनों का ट्रायल पहले चरण के मुकाबले ज्यादा लोगों को समूहों पर हो रहा है। 
  • 13 वैक्सीन अपने ट्रायल के तीसरे चरण में हैं। इन संभावित वैक्सीनों का ट्रायल पहले और दूसरे चरण के मुकाबले बड़े समूहों पर किया जा रहा है। 
  • सात वैक्सीन ऐसी हैं जो अपने क्लिनिकल ट्रायल के चौथे चरण में हैं। इन संभावित वैक्सीनों को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिल गई है या मिलने वाली है।

इन वैक्सीन को मिली आपात इस्तेमाल की अनुमति

वैक्सीन की दौड़ में कुछ कंपनियां आगे चल रही हैं, और स्थिति को देखते हुए इन वैक्सीनों में से कुछ को आपात इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है। ब्रिटेन दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने कोरोना के खिलाफ किसी वैक्सीन के आपात उपयोग की अनुमति दी हो। ब्रिटेन ने दवा कंपनी फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। फाइजर ने अमेरिका में भी वैक्सीन के आपात उपयोग के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा मॉडर्ना की वैक्सीन और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से विकसित की जा रही वैक्सीन को भी जल्द ही आपात अनुमति मिल सकती है।



अमर उजाला के इस विशेष पेज पर पढ़ें दुनियाभर में बन रही वैक्सीन से जुड़ी सारी जानकारी। यहां क्लिक करें..

भारत में इन वैक्सीनों पर चल रहा है काम

आईसीएमआर के अनुसार भारत में चार वैक्सीनों पर प्रमुखता के साथ काम चल रहा है। इनमें एक 'कोवैक्सीन' स्वदेशी वैक्सीन है जिसे भारत बायोटेक ने विकसित की है। दूसरी वैक्सीन 'कोविशील्ड' है जिसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने तैयार किया है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट और आईसीएमआर इसका दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल करवा रहे हैं।  तीसरी वैक्सीन 'जायकोव-डी' जायडस कैडिला की है, जिसका दूसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। चौथी वैक्सीन रूस द्वारा विकसित स्पुतनिक वी है। भारत में इसके दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल डॉ. रेड्डीज लैब के साथ हो रहा है।

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दुनियाभर में कोरोना संक्रमण की कुछ ऐसी है स्थिति

अभी तक दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के छह करोड़ 56 लाख 21 हजार 627 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 15 लाख 13 हजार 798 लोगों की जान गई है। इसके अलावा चार करोड़, 54 लाख 57 हजार 461 लोग इससे संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं। दुनियाभर में अभी भी कोरोना संक्रमण के एक करोड़ 86 लाख 50 हजार 368 मामले हैं। कुल 14 करोड़ से अधिक मामलों के साथ अमेरिका इससे सर्वाधिक प्रभावित देश है।

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