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Corona Vaccine Tracker: देशभर में मिलेगी मुफ्त वैक्सीन! सबके लिए कारगर टीका, जानें तमाम अपडेट

Fri, 30 Oct 2020 02:41 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Freepic / Amar Ujala
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कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच देश और दुनिया के लोगों को एक कारगर और सुरक्षित वैक्सीन का इंतजार है। रूस और चीन ने तीसरे चरण के ट्रायल पूरा होने से पहले ही वैक्सीन को मंजूरी देकर उच्च जोखिम वर्ग के लोगों का टीकाकरण शुरू कर दिया है। रूस में तो दूसरी वैक्सीन का भी उत्पादन शुरू हो रहा है। वहीं, भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी समेत अन्य देश भी कामयाबी के करीब हैं। भारत में तीन वैक्सीन कैंडिडेट अंतिम चरणों के ट्रायल से गुजर रही है। अमेरिका से अच्छी खबर ये है कि फाइजर ने इसी साल वैक्सीन उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई है, वहीं ब्रिटेन से अच्छी खबर है कि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ने ट्रायल के दौरान युवाओं के साथ बुजुर्गों में बेहतर इम्यून रेस्पॉन्स दिखाया है। आइए जानते हैं कोरोना वैक्सीन पर क्या है ताजा अपडेट: 

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Coronavirus Vaccine - फोटो : Freepic
देश में भारत बायोटेक कंपनी की कोवैक्सिन, जायडस कैडिला की जायकोव-डी और सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड अंतिम चरणों के परीक्षण से गुजर रही है और कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ ही महीनों में देश में सुरक्षित वैक्सीन उपलब्ध होगी। बिहार में अभी विधानसभा चुनाव हो रहे हैं और इसको लेकर पिछले दिनों भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में मुफ्त वैक्सीन की घोषणा कर सरगर्मी बढ़ा दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि बिहार के सभी लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिलेगी। हालांकि अन्य राज्य के लोगों को वैक्सीन मुफ्त में नहीं मिलेगी, ऐसा उन्होंने नहीं कहा था। लेकिन सवाल उठाए जाने लगे। तो क्या देश में सभी लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिलेगी?

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल की अगुवाई में गठित समिति, वैक्सीन डेवलपमेंट से लेकर इसके वितरण की योजनाओं पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि निकट भविष्य में वैक्सीन मुफ्त में उपलब्ध कराने में संसाधन आड़े नहीं आएंगे।" यानी उन्होंने इस ओर इशारा जरूर किया है कि पैनल भी वैक्सीन की मुफ्त में उपलब्धता पर विचार कर रहा है। 

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पॉल ने कहा, "अगले कुछ हफ्तों में स्थिति थोड़ी और स्पष्ट हो पाएगी, जब हमारे पास सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के ट्रायल का डेटा आ जाएगा।" सीरम, ऑक्सफर्ड-एस्ट्रोजेनका की वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल कर रही है। उन्होंने कहा कि सीरम के कोविशील्ड और अन्य कैंडिडेट्स की सफलता ही उपलब्धता और जरूरी खुराक का निर्धारण करेगी और फिर हम इसकी फाइनेंसिंग पर चर्चा कर सकते हैं। अगले तीन हफ्तों में चीजें और साफ हो जाएंगी।"

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
बता दें कि चार दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रताप सारंगी ने कहा था कि देश के सभी नागरिकों को कोरोना की वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगीं। बालासोर में तीन नवंबर को होने जा रहे उपचुनाव के लिए एक सभा को संबोधित करने के बाद सारंगी ने मीडिया से कहा था, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि सभी लोगों को कोविड-19 का टीका निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति के टीकाकरण पर करीब 500 रुपये खर्च होंगे।"

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : twitter
अमेरिका से भी अच्छी खबर
अमेरिका में वैक्सीन के टॉप दावेदारों में से एक फाइजर ने इसी साल वैक्सीन उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्बर्ट बूर्ला ने कहा है कि अगर क्लिनिकल टेस्टिंग उम्मीद के हिसाब से चली और नियामकों ने अप्रूवल दे दिया तो वह अमेरिका को इसी साल करीब चार करोड़ खुराक उपलब्ध करा सकती है। कंपनी को अमेरिकी सरकार से इसके लिए ठेका मिला है। वहीं, कंपनी को मार्च 2021 तक 10 करोड़ खुराक आपूर्ति करनी है। 

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ब्रिटेन से वैक्सीन पर अपडेट
ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ने ह्यूमन ट्रायल के दौरान बुजुर्गों पर भी अच्छा असर दिखाया है। वैक्सीन की खुराक से बुजुर्गों के शरीर में भी एंटीबॉडी पैदा हो रही है और साथ ही टी-कोशिकाओं का निर्माण हो रहा है। कोरोना से सुरक्षित करने में इन दोनों की अहम भूमिका होती है। इससे पहले जुलाई में वैक्सीन के ट्रायल के जो परिणाम सामने आए थे, उसके अनुसार युवाओं में वैक्सीन ने बेहतर इम्यून रेस्पॉन्स पैदा किया था। यानी कि यह वैक्सीन युवाओं से लेकर बुजुर्गों के लिए भी असरदार साबित हो रही है। 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
अति आशावादी होने से बचें
ब्रिटेन में कोविड वैक्सीन टास्क फोर्स की चीफ केट बिंघम ने 'अति आशावाद' से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि शुरुआती टीके 'अधूरे' हो सकते हैं। मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' के मुताबिक, टास्क फोर्स की प्रमुख ने कहा है, "ऐसी संभावना है कि शुरुआती कोरोना वैक्सीन 'परफेक्ट' नहीं होगी। हालांकि हमें नहीं पता कि हम कब वैक्सीन हासिल कर पाएंगे। यह महत्वपूर्ण है कि हम लापरवाही न करें और वैक्सीन पर अति-आशावाद से बचें।"
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