कोविड वैक्सीनेशन के दुष्प्रभाव
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फाइजर वैक्सीन के सामने आए साइड-इफेक्ट्स
ये अध्ययन तुर्की के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा किया गया है। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन के कारण आंखों की कॉर्निया पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इस शोध में टीके की दोनों खुराक लेने से पहले और बाद में कम से कम 64 मरीजों के कॉर्निया में आए बदलावों की जांच की गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि ये टीके लेने वाले कई लोगों ने आंखों से संबंधित गंभीर समस्याओं की शिकायत की है।
अध्ययन में क्या पता चला?
जर्नल ऑफ्थैल्मिक एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि वैसे तो वैक्सीन लेने के बाद लोगों में तत्काल आंखों से संबंधित दिक्कतें नहीं हुईं लेकिन ये नोटिस किया गया है कि वैक्सीनेशन के बाद कई लोगों का कार्निया सामान्य से मोटा हो गया, एंडोथेलियल कोशिकाओं की संख्या कम हो गई और कई संरचनात्मक परिवर्तन भी देखे गए हैं। ये समय के साथ आंखों के लिए गंभीर समस्याएं बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि ये परिवर्तन बताते हैं कि फाइजर वैक्सीन अस्थायी रूप से एंडोथेलियम को कमजोर कर सकती है। एंडोथेलियम, कार्निया आंतरिक सतह पर स्थित कोशिकाओं की एक परत होती है, जो कॉर्निया की नमी और पारदर्शिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, स्पष्ट दृष्टि के लिए इसका स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है।
वैक्सीनेशन के कारण आंखों की समस्याएं
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सामान्य से मोटा हो गया कार्निया
शोध के आधार पर वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जिन लोगों को पहले से ही आंखों की कोई समस्या रही है या जिनका कॉर्नियल ट्रांसप्लांट हुआ है, उनके इस समस्या की बारीकी से निगरानी की जानी चाहिए। टीम ने पाया कि फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन के कारण कई मरीजों के कॉर्निया की मोटाई 528 से 542 माइक्रोमीटर तक बढ़ गई , जो लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि है।
कॉर्निया का सामान्य से अधिक मोटा रहना दीर्घकालिक रूप से दृष्टि को प्रभावित करने वाली स्थिति हो सकती है।
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
इन परिणामों के लिए टीम ने 64 लोगों को अध्ययन में शामिल किया और टीकाकरण से पहले और बाद में इनके आंखों की स्थिति की जांच की गई। फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन की दूसरी खुराक मिलने के लगभग 75 दिन बाद टीम ने विस्तृत अध्ययन किया। निष्कर्षों में पाया गया कि कुछ लोगों ने कार्निया से संबंधित दिक्कतों की शिकायत की।
विशेषज्ञों ने कहा, वैसे तो इस अध्ययन का सैंपल साइज छोटा है, परिणामों की पुष्टि के लिए हमें और विस्तार से शोध की आवश्यकता है, हालांकि निष्कर्षों को अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
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स्रोत
Evaluation of the Effects of mRNA-COVID 19 Vaccines on Corneal Endothelium
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