कोरोना के कारण होने वाली दिक्कतें और मौत
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कोरोना के इन आंकड़ों पर डालिए नजर
इस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि 1 जनवरी से अब तक कोरोना से 6237 लोग संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, पिछले 24 घंटे में ही 753 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं। वहीं इस साल अब तक कोरोना के कारण 65 लोगों की मौत हुई है।
इस बीच नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) ने देश में कोरोनावायरस से हुई मौतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया है। सीआरएस के मुताबिक, देश में 2021 में सबसे अधिक लोग कोविड से मारे गए थे, जबकि 2019 में कोविड से सबसे कम मौतें हुई थीं।
- भारत में कोविड से 2021 के मुकाबले 2022 में कोविड संक्रमण से लगभग 86.5 लाख मौतें दर्ज की गईं।
- यह मौतें 2021 में हुई 1.02 करोड़ मौतों से 15 फीसदी से भी अधिक कम हैं।
- सीआरएस के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में देश भर में 1.02 करोड़ लोगों की मौतों के साथ मृतक संख्या में तेज उछाल दर्ज किया गया था।
- यह आंकड़ा 2020 में 81.1 लाख, 2019 में 76.4 लाख और 2018 में 69.5 लाख था।
कोविड 19 के मामले दिल्ली में
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क्या कहते हैं डॉक्टर?
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉ विक्रमजीत सिंह बताते हैं, कोविड-19 मामलों में लगातार हो रही वृद्धि चिंता का विषय जरूर है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह वैरिएंट ओमिक्रॉन स्ट्रेन फैमिली का ही है, जिसके लक्षण अधिकतर लोगों में हल्के, कुछ लोगों में एसिम्टोमेटिक और आम जनता के लिए काफी हद तक हानिरहित है।
ये वायरस भी अन्य मौसमी श्वसन संक्रमणों की तरह व्यवहार कर रहा है, लोग आसानी से ठीक हो रहे हैं इसलिए आंकड़ों से बहुत ज्यादा डरने या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
सर्दी या खांसी जैसे लक्षणों को अनदेखा न करें
दिल्ली के अस्पतालों में स्थिति का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जो लोग कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं उनमें से अधिकतर आसानी से घर पर ही ठीक हो रहे हैं। चूंकि संक्रमण के मामलों में उछाल देखा जा रहा है इसलिए फ्लू, सर्दी या खांसी जैसे लक्षणों को अनदेखा न करें, इसका सही से इलाज कराएं। अगर 4-5 दिनों में लक्षणों से राहत न मिले तो डॉक्टर की सलाह पर कोविड का टेस्ट करा सकते हैं।
संक्रमित हो जाएं तो क्या करें?
अगर आप संक्रमित हो भी जाते हैं तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। मास्क पहनें और घर में आइसोलेशन के साथ लक्षणों को कम करने वाली सामान्य दवाएं डॉक्टर की सलाह पर लेते रहें। हमारे देश ने टीकाकरण और पहले से मौजूद संक्रमणों के जरिए मजबूत प्रतिरक्षा विकसित की है, इसलिए कोरोना अब उतना गंभीर और प्रभावी नहीं रहा है।
जिन लोगों को पहले से कोई क्रॉनिक बीमारी जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग है उन्हें कोरोना से बचाव और संक्रमण की स्थिति में इलाज या अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि ऐसे मामले भी ज्यादा नहीं हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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