प्रतीकात्मक तस्वीर
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काया पलट करने का मौका
पूरी दुनिया में, कम से कम 140 कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है, जिनमें से 11 को ह्यूमन ट्रायल की अनुमति मिली है जो अलग-अलग लेवल पर हैं। इनमें से दो वैक्सीन भारतीय कंपनियों के हैं जो ह्यूमन ट्रायल के चरण में पहुंचे हैं और इनकी सफलता की उम्मीद की जा रही है। जिन दो भारतीय कंपनियों ने कोरोना की संभावित वैक्सीन तैयार करने में सफलता हासिल की है, उनमें पहली कंपनी है हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड जिसने आईसीएमआर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर कोवाक्सिन नामक वैक्सीन तैयार की है। वहीं दूसरी दवा कंपनी है जायडस कैडिला, जिसकी वैक्सीन को हाल ही में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से ह्यूमन ट्रायल करने की अनुमति मिली है। दोनों ही कंपनियों की वैक्सीन दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल के लिए अनुमति प्राप्त कर चुकी हैं।
भारत बायोटेक कंपनी जिसने कोवाक्सिन तैयार की है, वो इससे पहले पोलियो, रोटा वायरस और जीका वायरस का टीका भी विकसित कर चुकी है। माना जा रहा है कि अगर कोई भारतीय वैक्सीन 'सबसे शुरुआती वैक्सीन' के तौर पर बाजार में आ पाया तो उससे भारतीय वैक्सीन और फार्मा इंडस्ट्री की काया पलट पूरी तरह से पलट जाएगी।