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Coronavirus: कोरोना में बुखार आने पर ठंडे पानी की पट्टी रख सकते हैं या नहीं? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Fri, 09 Oct 2020 11:52 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस ने दुनियाभर में तबाही मचा रखी है। इसके मामले इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि इसे रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब तक पूरी दुनिया में इस वायरस से तीन करोड़ 69 लाख से भी अधिक संक्रमित हो चुके हैं जबकि 10 लाख 69 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में कोरोना से अब तक 69 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि एक लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में थकान, सूखी खांसी और बुखार शामिल हैं। वैसे अक्सर आपने देखा या सुना होगा कि किसी को बुखार होने पर लोग उसके सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाते हैं, जिससे बुखार उतर जाए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोरोना से संक्रमित व्यक्ति को भी अगर बुखार आ रहा है तो क्या उसके साथ ही ऐसा कर सकते हैं? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं...
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना के बढ़ते मामलों पर लोगों के रवैये को कैसे देखते हैं? 
  • दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. मोहसिन वली के मुताबिक, 'कोरोना संक्रमितों की संख्या 67 लाख के करीब हो चुकी है, जिसमें देश के कई बड़े मंत्री, कई मुख्यमंत्री और नेता भी संक्रमित हो चुके हैं। मामला लगातार बढ़ रहे हैं। इन्हें देख के डरना नहीं है बल्कि मुकाबला करना है। देश के सभी विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय, आयुष मंत्रालय जैसे कई मंत्रालय कोरोना से बचाव के उपाय में लगे हुए हैं। इसलिए अगर सरकार के बताए नियमों का पालन करेंगे तो वायरस से जारी जंग जीत पाएंगे।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या कोरोना का कोई नया टेस्ट आ रहा है? 
  • डॉ. मोहसिन वली बताते हैं, 'आरटी-पीसीआर टेस्ट को गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है, जिनमें गले और नाक से स्वॉब लेते हैं। ये करीब 70 प्रतिशत तक सटीक परिणाम बताता है कि व्यक्ति संक्रमित है या नहीं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के एक वैज्ञानिक ने एक टेस्ट विकसित किया है। इसकी सेंस्टिविटी काफी अच्छी है और 98 प्रतिशत मानी जा रही है। इसकी कीमत 500 रुपये तक होगी। बहुत जल्द आईसीएमआर इसे प्रयोग में लाने के निर्देश जारी करेगा। हालांकि इसके अलावा कई और टेस्टिंग किट भी आ चुकी हैं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
मास्क को लेकर लोग ज्यादा लापरवाही बरत रहे हैं, उनके लिए क्या सलाह है? 
  • डॉ. मोहसिन वली कहते हैं, 'मास्क का मतलब M-मेरा, A-अपना, S-सुरक्षा, K-कवच, यानी अगर कहीं गोली चल रही है तो हर कोई बचने के लिए सुरक्षा कवच पहनना चाहेगा। इसी तरह वायरस भी एक तरह का दुश्मन है, जो शरीर में घुस कर हमें मार देगा या परेशान करेगा। इससे बचना जरूरी है। दरअसल यह सुरक्षा कवच काफी सस्ता है, शायद इसलिए लोग सोचते हैं कि यह सुरक्षित रख पाएगा या नहीं। सभी को यह समझना होगा कि वायरस केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है और सभी देशों में मास्क पर शोध हुए हैं और इसे प्रभावी माना गया है। चीन, जहां से वायरस निकला, मास्क के दम पर ही कोरोना से काफी हद तक जंग जीत चुका है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या कोरोना में बुखार आने पर ठंडे पानी की पट्टी रखना जरूरी नहीं है? 
  • डॉ. मोहसिन वली के मुताबिक, 'कुछ लोग मानने लगे थे कि शरीर गरम होने से वायरस नष्ट हो जाता है, लेकिन ये वायरस 55 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में भी नहीं मरता है। फिर चाहे गर्म पानी पिएं, ठंडे पानी की पट्टी करें, एसी चलाएं, कोई असर नहीं होता है। इसलिए बुखार की दवा खाएं, ऐसे घर में रहें जहां वेंटिलेशन हो। अगर एसी में हैं तो हवा आने, जाने की सुविधा हो, अगर नहीं है तो खिड़की दरवाजे खुले रखें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर बच्चे बाहर जाकर घर आएं तो क्या सावधानी रखें? 
  • डॉ. मोहसिन वली बताते हैं, 'अगर कोई बच्चा मास्क लगाकर बाहर जा रहा है तो काफी अच्छी बात है। घर लौटते ही वह किसी बुजुर्ग के पास न जाए, बल्कि हाथ, मुंह, पैर धोएं और मास्क को भी बदल लें। पहले वाले मास्क को धोकर सुखा कर आयरन कर लें। घर के बुजुर्ग अगर बाहर जाने वाले बच्चों से मिलते हैं, तो मास्क लगाए रखें, क्योंकि वो भले ही बाहर नहीं जा रहे हैं, लेकिन जो बाहर जाते हैं, उनके संपर्क में आने से संक्रमण की संभावना हो सकती है।' 
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