प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों के मुताबिक, मुख्य रूप से इस एंटी-कोरोना स्प्रे का प्रभाव प्रोटीन से निर्मित कोरोना वायरस की बाहरी परत पर होता है। दरअसल, यह वायरस की ऊपरी प्रोटीन परत को नाक में ही ब्लॉक कर देता है, जिससे यह वायरस इंसान के गले से होते हुए शरीर में नहीं पहुंच पाता।