प्रतीकात्मक तस्वीर
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शोधकर्ताओं के मुताबिक, अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि स्वाद लेने की क्षमता से जुड़ी कोशिकाएं कोरोना संक्रमण की चपेट में नहीं आती हैं, क्योंकि उनमें से ज्यादातर एसीई2 (ACE2) व्यक्त नहीं करते हैं। दरअसल, एसीई2 एक प्रकार का एंजाइम है, जो आंत, दिल, धमनियों, कोशिकाओं और गुर्दे की झिल्लियों से जुड़ा होता है। एसीई2 ही वो रास्ता है, जहां से वायरस शरीर में प्रवेश करता है।