फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धूल के कणों से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, शोधकर्ताओं का दावा

Thu, 20 Aug 2020 03:01 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
कोरोना वायरस को लेकर देश- दुनिया में कई तरहों के शोध लगातार हो रहे हैं। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार कोरोना वायरस धूल, फाइबर या अन्य सूक्ष्म कणों के जरिए भी इंसान के शरीर में प्रवेश कर सकता है। अभी तक ये कहा जा रहा था कि कोरोना वायरस सिर्फ मुंह से निकलने वाले ड्रापलेट्स के जरिए ही फैलता है। कोरोना काल में कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। मास्क पहनने से कोरोना वायरस से सुरक्षित रहा जा सकता है। छींकने या बात करने के दौरान मास्क पहनने से वायरस के संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। इस नए शोध में हुए खुलासे के बाद कोरोना से लड़ने में अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं इस शोध के बारे में सबकुछ...
विज्ञापन

2 of 6
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
अमेरिकी युनिवर्सिटी में हुई रिसर्च में हुआ खुलासा
  • अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कोरोना वायरस धूल के कणों से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है। शोधकर्ता विलियम रिस्टेनपार्ट का कहना है कि अभी तक सिर्फ इस तथ्य पर काम किया जा रहा था कि कोरोना वायरस सिर्फ मुंह से निकलने वाले ड्रापलेट्स के जरिए फैलता है। परंतु इस रिपोर्ट के बाद वायरोलॉजिस्ट और महामारी विशेषज्ञों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको बता दें  विलियम रिस्टेनपार्ट इस रिसर्च की टीम को लीड कर रहे थे। उनका ये भी कहना है कि यह रिपोर्ट वायरोलॉजिस्ट और महामारी विशेषज्ञों के लिए काफी चौंकाने वाली साबित हो सकती है।
विज्ञापन

3 of 6
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई
वायरस का दायरा बढ़ा है
  • कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए अभी तक इस्तेमाल किए टिशू, दरवाजे के हैंडल, इत्यादि को न छूने की सलाह दी जा रही थी। परंतु इस शोध के अनुसार अब कोरोना वायरस का दायरा काफी बढ़ गया है। इस शोध के अनुसार कई अन्य रास्तों से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। हालाकि यह शोध इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि सभी इन्फ्लूएंजा वायरसों में संक्रमण ऐसे ही फैलें।

4 of 6
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
ऐसे किया गया खुलासा
  • शोधकर्ताओं ने एक कागज पर वायरस को छोड़ा, उसके बाद उस कागज को सूखने के लिए छोड़ दिया। कागज के सूखने पर उसे छोटे- छोटे पार्टिकल्स में बदलने वाली मशीन में डाल दिया गया। इसके बाद मशीन से 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इन पार्टिकल्स को छोड़ा गया। शोधकर्ताओं ने देखा कि सांस के जरिए ये पार्टिकल्स किसी जीव के अंदर जाते हैं तो वो जीव वायरस से संक्रमित हो सकता है। आपको बता दें ये प्रयोग सुअरों पर किया गया था।
विज्ञापन

5 of 6
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
WHO ने स्वीकारी हवा में संक्रमण की बात
  • हवा में संक्रमण की बात को WHO ने पिछले महीने ही स्वीकार किया है। इससे पहले तक WHO हवा में संक्रमण की बात से साफ इंकार कर रहा था। एक महीने पहले तक WHO का कहना था कि कोरोनावायरस हवा से नहीं बल्कि एयरोसोल और 5 माइक्रोन से छोटी ड्रापलेट्स के जरिए फैल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay
32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने किया दावा
  • 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने ये दावा किया कि कोरोना वायरस हवा से भी फैल सकता है। इन वैज्ञानिकों ने WHO को जब पत्र लिखकर इस बात पर गौर करने को कहा, तब WHO ने माना कि सार्वजनिक जगहों में हवा के जरिए कोरोना वायरस फैल सकता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें