फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्दी से आने वाले फ्लू और कोरोना के लक्षण में क्या अंतर है? विशेषज्ञ से जानें

Wed, 30 Sep 2020 12:06 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक तीन करोड़ 38 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 10 लाख 12 हजार से ज्यादा लोगों की अब तक इस वायरस से मौत हो चुकी है। वहीं अगर भारत की बात करें तो यहां 62 लाख 25 हजार से भी ज्यादा लोग अब तक संक्रमित हुए हैं जबकि मरने वालों का आंकड़ा 97 हजार के पार है। हालांकि सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले में अभी अमेरिका सबसे ऊपर है। वहां 74 लाख से भी अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं जबकि दो लाख 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस की सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि इसके लक्षण सर्दी से आने वाले फ्लू की तरह ही हैं। इसलिए इसकी पहचान करने में काफी दिक्कतें हो रही है। आइए इस बारे में विशेषज्ञ से जानते हैं कि सर्दी से आने वाले फ्लू और कोरोना के लक्षण में क्या अंतर है।  
विज्ञापन

2 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
सर्दी से आने वाले फ्लू और कोरोना के लक्षण में क्या अंतर है? 
  • दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर एम. के. सेन बताते हैं, 'कोरोना और सामान्य फ्लू और इंफ्लूएंजा वायरस में काफी समानता है। दोनों में बुखार आता है और छीकें, जुकाम आदि दोनों में होते हैं। ऐसे में टेस्ट के जरिए ही पता कर सकते हैं कि किसी को कोरोना है या नहीं। अस्पताल में इंफ्लूएंजा वायरस और कोरोना के टेस्ट की सुविधा है। कोई भी आसानी से टेस्ट करा सकता है।' 
विज्ञापन

3 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
सैनिटाइजर वाले हाथ अगर मुंह पर चले जाएं तो क्या वो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है? 
  • डॉ. एम. के. सेन के मुताबिक, 'मुंह पर हाथ जाना स्वाभाविक है, लेकिन अगर मास्क लगाए हैं तो हाथ जाएगा भी तो कोई परेशानी नहीं है। अगर सैनिटाइजर से हाथ साफ किया है तो जब तक हाथ सूख न जाएं, तब तक मुंह पर मत ले जाएं। सैनिटाइजर लगाने के कुछ ही सेकेंड के बाद ही उड़ जाता है और हाथ सूख जाते हैं। फिर आप कुछ भी खा सकते हैं।' 

4 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना से ठीक मरीजों में कमजोरी क्यों आ रही है, इसे कैसे दूर कर सकते हैं? 
  • डॉ. एम. के. सेन बताते हैं, 'सबसे जरूरी बात है कि देश में कोरोना से ज्यादा से ज्यादा लोग ठीक हो रहे हैं, लेकिन अब जो लोग ठीक हो रहे हैं, उनमें से 10 प्रतिशत के करीब लोगों में कुछ समस्याएं आ रही हैं। जैसे- चलने में थकान, नींद आना, शरीर का गर्म रहना। इससे डरने की जरूरत नहीं है और न ही परेशान हों। इससे जूझने की क्षमता बढ़ाएं। अगर समस्या बढ़ रही है तो पोस्ट कोविड अस्पताल में जा सकते हैं। इस बीच यह भी ध्यान रखना है कि मास्क और सुरक्षित दूरी अब भी जरूरी है। खूब पानी पिएं, हो सके तो गुनगुना पानी पिएं, सुबह व्यायाम, ध्यान, प्राणायाम, आसन, आदि जरूर करें। रात में नींद पूरी लें। ठीक होने के बाद एकदम से काम पर न जाएं। अक्सर ये परेशानी बुजुर्गों में देखने को मिल रही है या फिर जो लोग गंभीर रूप से वायरस की चपेट में आए हैं।' 
विज्ञापन

5 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कौन से मौसमी फलों का सेवन कर सकते हैं?  
  • जयपुर के इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के निदेशक डॉ. संजीव शर्मा बताते हैं, 'मौसमी फल हमेशा सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन आजकल सभी फल और सब्जियां हर मौसम में मिलने लगे हैं, जो प्रकृति के अनुरूप नहीं है। इस मौसम में सेब काफी फायदा करता है, जिसमें अनेक गुण होते हैं। वैसे मौसम के सभी सीजनल फल लेने चाहिए।' 
विज्ञापन

6 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या अलग-अलग लोगों के लिए काढ़ा की मात्रा अलग होनी चाहिए? 
  • डॉ. संजीव शर्मा बताते हैं, 'जी हां, सभी की उम्र अलग होती है, शरीर की क्षमता अलग होती है। साथ ही काढ़ा की सामग्री की मात्रा भी सामान्य होनी चाहिए। जो भी काढ़ा पी रहे हैं, उनमें जो भी सामग्री डाल रहे हैं, उसे भी जानना है कि कहीं पीने वाले व्यक्ति को किसी चीज से एलर्जी तो नहीं है। जैसे कई बार लोगों को किसी एक चीज से कोई एलर्जी हो सकती है। इसके अलावा बहुत ज्यादा मात्रा में काढ़ा न लें।' 
विज्ञापन

7 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
त्योहार आने वाले हैं, ऐसे में लोगों को क्या सलाह है?
  •  डॉ. एम. के. सेन कहते हैं, 'त्योहार पर सभी उत्साहित होते हैं और हर्षोल्लास के साथ त्योहार मनाते हैं। कई बार लोग एक दूसरे से मिलने जाते हैं। इस बार घर में परिवार के साथ ही त्योहार मनाएं। दूर रह रहे लोगों के साथ सोशल मीडिया के जरिए जुड़ें। बाजार में बहुत जरूरी हो तभी जाएं, क्योंकि त्योहार पर भी सभी का सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है।' 
विज्ञापन

8 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या लोग अब कोरोना को उतनी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जितना पहले ले रहे थे? 
  • डॉ. एम. के. सेन के मुताबिक, 'जैसे-जैसे हम टेस्टिंग बढ़ा रहे हैं, केस सामने आ रहे हैं। ऐसा कह सकते हैं कि लोग वायरस को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसकी वजह से लोग कुछ ढिलाई कर रहे हैं, इसलिए अनजाने में संक्रमित हो जा रहे हैं। जैसे लॉकडाउन में देखा गया था कि केस काफी कम थे, लेकिन ध्यान देंगे तो उस वक्त बहुत से विशेषज्ञों ने केस बहुत बढ़ने का दावा किया था। उस वक्त हम संभल गए। अब यह समझना होगा कि देश हमेशा लॉक नहीं रह सकता है। अब सभी को पता है कि वायरस से कैसे बचना है। इसलिए सबसे अपील है कि वायरस अभी भी है, संयम और नियंत्रण रखें।' 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें