वुहान एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच करते सुरक्षाकर्मी
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कोरना वायरस जानवरों में भी पाया जाता है। समुद्री जीव-जंतुओं के जरिए यह वायरस चीन के लोगों में फैला। दक्षिण चीन में समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को सबसे पहले इस वायरस ने चपेट में लिया है जिनमें वुहान शहर है। दक्षिण चीन के बाजार जहां काफी मात्रा में समुद्री जीव मिलते हैं, उनके जरिए यह वायरस लोगों में फैला। इस बाजार में समुद्री जीव जिंदा भी मिलते हैं और उनका मांस भी मिलता है। यहीं से इस वायरस ने चीन के निवासियों को अपनी चपेट में लिया।
कोरोना वायरस के लक्षण
- बुखार
- सांस लेने में दिक्कत
- सर्दी-जुकाम
- खांसी
- ऑर्गन फेल्योर (अंगों का काम करना बंद )
कोरोना वायरस में किसी भी तरह की कोई एंटीबायोटिक काम नहीं करती है। फ्लू में दी जाने वाली एंटीबायोटिक भी इस वायरस में काम नहीं करती है। अस्पताल में भर्ती कराए जाने वाले व्यक्ति के अंगों को फेल होने से बचाने के लिए उसे ज्यादा से ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ दिया जाता है।
जानवरों से फैलने वाले कोरोना वायरस सिवीर एक्यूट रेस्परटॉरी सिंड्रोम (गंभीर श्वसन लक्षण) और मिडिल इस्टर्न रेस्परटॉरी सिंड्रोम दोनों तरह का होता है। मिडिल इस्टर्न रेस्परटॉरी सिंड्रोम (मेर्स) अफ्रीकी और शियाई ऊटों के जरिए मनुष्य में फैलता है। चमगादड़ ऐसा जीव है जिसमें सिवीर एक्यूट रेस्परटॉरी सिंड्रोम (गंभीर श्वसन लक्षण) और मिडिल इस्टर्न रेस्परटॉरी सिंड्रोम दोनों तरह का कोरोनो वायरस होता है।
ऐसे में अभी पता नहीं चला है कि यह कोरोनो वायरस सांपों या चमकादड़ों में से किसके जरिए इंसानों में फैला है क्योंकि यह एक अलग तरह का कोरोनो वायरस है। चीन में सबसे पहले सिवीर एक्यूट रेस्परटॉरी सिंड्रोम (गंभीर श्वसन लक्षण) साल 2002 में फैला था। उस वक्त यहां से यह वायरस 37 देशों में फैला था और आठ हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आए थे और 750 से ज्यादा मौतें हुईं थी।
क्या इस वायरस से डरने की जरूरत है?
फिलहाल कोरोना वायरस से बहुत ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि चीन के बाहर इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति बहुत कम हैं। जो हैं वो चीन से अन्य देशों में आए हुए ही हैं। अगर यह वायरस बहुत ज्यादा खतरनाक हुआ तो विश्व स्वास्थ्य संगठन इसे लेकर स्वास्थ्य आपातकाल जारी करेगा।