दिल्ली में हुए दूसरे सीरो सर्वे की रिपोर्ट जारी कर दी गई है। इसके मुताबिक, दूसरे सीरो सर्वे के दौरान 15 हजार से ज्यादा लोगों का टेस्ट किया गया, जिसमें से 28 फीसदी के करीब लोगों में कोरोना एंटीबॅाडीज पाई गई हैं। इसमें 18 साल से कम उम्र के बच्चों और महिलाओं में कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबॅाडी अधिक पाई गई हैं। आइए जानते हैं आखिर सीरो सर्वे का फायदा क्या है...
सीरो सर्वे का क्या फायदा है?
जीबी पंत अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. संजय पांडेय के मुताबिक, 'इस सर्वे में पता चलता है कि कितने लोग संक्रमित हो चुके हैं, क्योंकि 80 फीसदी लोग एसिम्प्टोमेटिक हैं, 10-15 फीसदी हल्के लक्षण वाले और 5-10 फीसदी गंभीर लक्षण वाले हैं। इन 80 फीसदी लोगों को संक्रमण हुआ, लेकिन उन्हें पता नहीं चला। ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए सीरो सर्वे करते हैं। इससे पता चलता है कि किसी क्षेत्र में कोरोना का प्रकोप कितना था और वहां कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज बन चुके हैं यानी कितने प्रतिशत संक्रमित हो चुके हैं। इससे आगे की प्लानिंग में मदद मिलती है। कल को वैक्सीन आती है तो जहां लोगों में एंटीबॉडी कम हैं, वहां वैक्सीन पहले दे सकते हैं।'