मास्क संक्रमण से बचाने में मदद देने के साथ संक्रमित से वायरस के फैलने का खतरा भी टालता है। जर्नल ऑफ इंटर्नल मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के सानफ्रांसिस्को जनरल अस्पताल की इन्फेक्शियस डिसीज विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गांधी ने बताया, मास्क पहनने वाले लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। लेकिन मास्क पहनने वाले के शरीर में कम मात्रा में वायरस प्रवेश करता है।
इनमें बहुत हल्के लक्षण आते हैं या आते ही नहीं हैं। एक सर्वे में ये पता भी चला है कि मास्क पहनने वाले 55.8 फीसदी लोग कोरोना की चपेट में आए जबकि मास्क न पहनने वाले लोगों का आंकड़ा 80.8 फीसदी था। डॉ. मोनिका के अनुसार मास्क पहनने वाले में कम मात्रा में वायरस जाते ही इम्युनिटी सक्रिय हो जाती है और वायरस खत्म कर देती है।
कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों में एंटीबॉडीज बनती हैं लेकिन संभव है कि पहले तीन महीने के भीतर उसका स्तर कम यानी इम्युनिटी कम हो जाए। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा किए गए शोध में पता चला है कि ऐसे मरीजों में 73 दिन के भीतर एंटीबॉडीज का स्तर कम हुआ है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित शोध के अनुसार 20 महिलाओं और 14 पुरुषों पर हुए अध्ययन के बाद ये खुलासा हुआ है जिन्हें संक्रमण के हल्के लक्षण थे।