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Fact Check: क्या जंक फूड्स खाने से कैंसर होता है? वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल, डॉक्टरों ने किया पर्दाफाश

Tue, 11 Feb 2025 01:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कैंसर के जोखिमों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक कैंसर पीड़ित कह रहा है कि वह बर्गर-चाऊमीन और भटूरे जैसी जंक-तैलीय चीजें ज्यादा खाता था जिसकी वजह से उसे कैंसर हो गया। क्या वास्तव में ऐसा हो सकता है? आइए डॉक्टर्स से जानते हैं।
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बर्गर-चाऊमीन खाने से कैंसर होता है? - फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
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कैंसर वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। हर साल इस रोग के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। साल 2023 में दुनियाभर में करीब 10 मिलियन (एक करोड़) लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई। इसी साल अकेले भारत में कैंसर से करीब 15 लाख लोगों की जान गई। आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में साल 2023 में कैंसर के मामलों की अनुमानित संख्या 2022 की तुलना में अधिक थी। इतना ही नहीं 2022 की तुलना में 2023 में पेट के कैंसर के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई। 

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स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के अलावा कई प्रकार के पर्यावरणीय और आनुवांशिक कारकों के चलते कैंसर का जोखिम बढ़ता जा रहा है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को कैंसर की समस्या रही हो उन्हें विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।

इसी बीच कैंसर को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक कैंसर पीड़ित कह रहा है कि वह बर्गर-चाऊमीन और भटूरे जैसी जंक और तैलीय चीजें ज्यादा खाता था जिसकी वजह से उसे कैंसर हो गया। ऐसे में सवाल खड़े होते हैं कि क्या वास्तव में बर्गर-चाऊमीन खाने से कैंसर होता है? 

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कैंसर और इसके जोखिम कारक - फोटो : Freepik.com
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

वायरल वीडियो में किसी सतसंग के दौरान भक्तों से सवाल-जवाब के दौरान एक व्यक्ति अपने कैंसर के बारे में बता रहा है। व्यक्ति कहता है, 'मुझे चौथे स्टेज का कैंसर हो गया है। मैं किसी प्रकार का कोई नशा नहीं करता हूं, मैं मोमो-चाऊमीन और भटूरे जैसी चीजें ज्यादा खाता था इस वजह से ये बीमारी हुई है। मेरा कीमोथेरेपी चल रहा है और इलाज में लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं।' 




तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो के दावों ने लोगों के मन में कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्या बर्गर-चाऊमीन से कैंसर होता है, क्या इन चीजों को खाना बिल्कुल छोड़ देना चाहिए?

इन सवालों का जवाब जानने के लिए हमने दिल्ली स्थित पीएसआरआई अस्पताल में कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. अमित उपाध्याय से बातचीत कर सच्चाई जानने की कोशिश की। सभी लोगों को इस बारे में जानना चाहिए।


(कहीं आपको भी तो नहीं है कैंसर? 'CAUTIONUS' फॉर्मूला से कर सकते हैं पता)

जंक फूड्स से कैंसर होने का खतरा - फोटो : Freepik.com
बर्गर-चाऊमीन खाने से कैंसर होता है?

डॉ अमित, वीडियो में किए जा रहे दावों को खारिज करते हैं। डॉ अमित कहते हैं, बर्गर-चाऊमीन खाने से सीधे कैंसर होता है ये कहना सही नहीं है। डाइट कई मामलों में आंतों के कैंसर का कारण जरूर हो सकता है। इसमें हाई रेड मीट और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड चीजों को एक कारक माना जाता रहा है।

इसके अलावा यदि आपकी डाइट में फाइबर की मात्रा बहुत कम है तो इससे भी कैंसर होने का जोखिम हो सकता है। पर सीधे-सीधे बर्गर-चाऊमीन या अन्य खाद्य पदार्थों को कैंसर के लिए ब्लेम करना ठीक नहीं है। 

(ये भी पढ़िए- साल 2050 तक कैंसर के मामलों में 85% वृद्धि की आशंका)

पेट में कैंसर के मामले - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं अध्यन के रिपोर्ट?

कुछ अध्ययनों में डाइट और कैंसर के संबंधों को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है।

साल 2019 में प्रकाशित अध्ययनों की समीक्षा के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक हो सकता है। एक अन्य अध्ययन में इसे पेट के कैंसर से जुड़ा हुआ भी बताया गया है। इसी तरह साल 2018 में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन स्तन कैंसर के जोखिमों को भी बढ़ाने वाला हो सकता है।

अमेरिकन सोसाइटी ऑफ न्यूट्रिशियन ने एक अन्य अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर बताया कि अधिक मात्रा में मीठा और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ खाने से आपमें टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। ये दोनों ही स्थितियां इंफ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ावा देती हैं जिससे भी कैसर का खतरा हो सकता है।

गड़बड़ खानपान से हो सकती हैं कई दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
जंक-प्रोसेस्ड फूड्स सेहत के लिए नुकसानदायक

डॉ अमित बताते हैं, कैंसर के लिए खराब डाइट एक कारक हो सकता है, पर सिर्फ इससे ही कैंसर होता है ये दावा सही नहीं है। कैंसर के विकास के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं। बर्गर-चाऊमीन और अन्य जंक-प्रोसेस्ड फूड्स को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता रहा है, इससे सभी लोगों को दूरी बनाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमें पोषक तत्वों की कमी होती है जिससे शरीर को दीर्घकालिक तौर पर कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं।

इन चीजों से दूरी बनाकर आप उन स्थितियों से सुरक्षित रह सकते हैं जिनके कारण आपको भविष्य में कैंसर होने का खतरा हो सकता है।
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कैंसर का उपचार (सांकेतिक) - फोटो : Adobe stock photos
कीमोथेरेपी में सांप का जहर दिया जाता है?

''वीडियो में व्यक्ति एक और दावा कर रहा है कि उसका 14 कीमोथेरेपी हो चुका है, जिसमें उसे 14 बार सांप का जहर दिया गया।''

इस बारे में लखनऊ स्थित एक अस्पताल में ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ नितिन सिंह कहते हैं, कीमोथेरेपी में सांप का जहर देने वाली बात भी पूरी तरह से गलत है। कीमोथेरेपी उन्नत स्तर के कैंसर (थर्ड-फोर्थ स्टेज) के लिए किया जाने वाला उपचार है जिसमें कैंसर कोशिकाओं को मारने या उन्हें फैलने से रोकने के लिए दवाओं का उपयोग किया जाता है। इस उपचार में कुछ प्रकार के ऐसे रसायनों का उपयोग किया जाता है जो शरीर में फैल रहे कैंसर को रोकने में मदद करते हैं पर ये सांप का जहर नहीं होती हैं।

वीडियो में कही जा रही बातें लोगों को भ्रमित करने वाली हैं, जिसपर पूरी तरह से भरोसा करना सही नहीं है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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