कोरोना महामारी से सुरक्षित रहने के लिए बचाव को ही विशेषज्ञ सबसे बेहतर उपाय मानते हैं। लोगों से बार-बार मास्क लगाने, हाथों को धोते रहने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आहार में विटामिन सी और डी के साथ जिंक के सेवन और दिन में दो से तीन बार काढ़ा पीने को भी काफी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि कई रिपोर्टस में ऐसा दावा किया जा रहा है कि काढ़े का ज्यादा सेवन करना लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर मंगलवार को हुई चर्चा में विशेषज्ञों ने इस संबंध में जानकारी दी। इस दौरान दिल्ली एम्स के डॉ. राजीव रंजन ने सवालों के जवाब दिए।
कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए काढ़े का सेवन?
डॉ. राजीव रंजन बताते हैं कि किसी भी चीज का ज्यादा सेवन करना हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। काढ़े के मामले में भी ऐसा ही है, इसका भी बहुत ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। प्राकृतिक चिकित्सा में माना जाता रहा है कि औषधियां हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक होती हैं, इसी को देखते हुए कोरोना से बचने के लिए काढ़े के सेवन पर जोर दिया जा रहा है। एक दिन में एक कप से ज्यादा काढ़े का सेवन नहीं करना चाहिए।
काढ़े की प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
काढ़े और लिवर का संबध
डॉ. राजीव रंजन ने एक मरीज के जिक्र करते हुए बताया कि उनके पास एक मरीज आया जिसकी आंखें पीली थी। मरीज से पूछताछ में पता चला कि कोरोना से बचने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए वह दिन में दो से तीन बार पानी में हल्दी डालकर और इतनी बार ही काढ़े का सेवन करता था। इसके चलते मरीज के शरीर में बिलीरुबीन का स्तर बढ़ गया, जिसका असर उसके लिवर पर भी देखने को मिला।
तो क्या नहीं पीना चाहिए काढ़ा?
डॉ. राजीव रंजन कहते हैं कि काढ़े को घरेलू मसाले जैसे लौंग, इलाइची, काली मिर्च, हल्दी, तेजपत्ता और दालचीनी आदि डालकर तैयार किया जाता है। यह सभी मसाले हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। काढ़े के सेवन से आपको फायदा जरूर होता है लेकिन इसका बहुत ज्यादा सेवन नहीं किया जाना चाहिए।
क्या विटामिन की गोलियों के सेवन से कोरोना में हो सकता है फायदा?
डॉ. राजीव रंजन कहते हैं कि इन दिनों देखने को मिल रहा है लोग कई सारी विटामिन की गोलियां भी ले रहे हैं। विटामिन की गोलियां दोधारी तलवार हैं, अगर आप इनका ज्यादा सेवन करते हैं तो भी आपको हाइपरविटामिनोसिस हो सकता है, वहीं यदि शरीर में इसकी कमी आ जाए तो भी यह स्थिति नुकसानदायक है। शरीर में विटामिन की मात्रा बढ़ने के साथ कैल्शियम की मात्रा भी बढ़ जाती है जिससे आपको जी मिचलाने, चिड़चिड़ापन, चेतना न रहने की दिक्कत हो सकती है। ऐसे में किसी भी विटामिन की गोली का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं करना चाहिए।
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नोट: यह एम्स के डॉ. राजीव रंजन से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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