मां के दूध से बच्चे को कोरोना संक्रमण का खतरा लगभग न के बराबर है। जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार पास्चुरीकरण से मां के दूध में मौजूद कोरोना वायरस खत्म हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के वैज्ञानिकों के इस नतीजे के बाद जो कोरोना संक्रमित माताएं अपना दूध मिल्क बैंक को दान करती हैं वो सुरक्षित है।
वैज्ञानिकों ने ये भी स्पष्ट किया है कि ब्रेस्ट फीडिंग करा रही कोरोना संक्रमित मां से बच्चे को संक्रमण होने का भी अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. ग्रेक वॉल्कर ने पांच मिल्क बैंक के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद ये दावा किया है।
वैज्ञानिकों ने मिल्क बैंक में थोड़े से स्वस्थ मां से मिले दूध को कोरोना वायरस से संक्रमित किया। इसके बाद 63 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर 30 मिनट तक गरम किया। इसके बाद वैज्ञानिकों ने देखा कि दूध में कोई जिंदा वायरस नहीं था।