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Health: आश्चर्य का भाव कम करता है तनाव, दिमाग होता है तरोताजा; संतुलित करने की क्षमता रखती है अनदेखी भावना

Sun, 05 Oct 2025 07:21 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला नेटवर्क

सार

नई रिसर्च बताती है कि आश्चर्य की भावना तनाव कम करती है, दिमाग को शांत और तरोताजा बनाती है। जानें कैसे यह जीवन में मानसिक संतुलन लाती है।
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तनाव, स्ट्रेस - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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क्या कभी आपने महसूस किया है कि किसी अद्भुत दृश्य या अनदेखी घटना को देखकर दिल अचानक शांत हो जाता है और तनाव जैसे पल भर में गायब हो जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह असर आश्चर्य (ऑ - एडब्ल्यूई) नाम की उस अनदेखी भावना का है, जो हमारे मस्तिष्क को तनाव से बचाने व मानसिक संतुलन बनाए रखने में गहरी भूमिका निभाती है।

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नेशनल ज्योग्राफिक की रिपोर्ट के मुताबिक यह बेपनाह खुशी का एहसास देकर मंत्रमुग्ध कर देने वाली भावना जीवन को ‘रीसेट बटन’ की तरह संतुलित करने की क्षमता रखती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमारा मस्तिष्क लगातार तनाव झेलने के लिए बना ही नहीं है। जब हम किसी अद्भुत प्राकृतिक दृश्य, कला, संगीत या मानवीय करुणा, किसी अत्यंत प्रिय से बहुत लंबे अरसे बाद होने वाली मुलाकात जैसी चीजों का अनुभव करते हैं, तो ऑ यानी आश्चर्य की भावना सक्रिय हो जाती है। यह न सिर्फ दिल की धड़कन को पूरी तरह नियंत्रित करती है, बल्कि तनाव हार्मोन को कम करती है और मस्तिष्क को शांत, स्थिर और अधिक जुड़ा हुआ बना देती है।

कई बार लोग ऑ और ऑसम को एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में फर्क है। ऑ मतलब गहरा आश्चर्य, विस्मय या सम्मान की भावना। जबकि ऑसम यानी बहुत बढ़िया, अद्भुत, शानदार। आसान शब्दों में ऑ वह गहरी भावना है जो किसी अद्भुत चीज को देखकर भीतर पैदा होती है। ऑसम किसी चीज को शानदार या बहुत अच्छा बताने का तरीका है। उदाहरण के लिए 2017 में ग्रीनलैंड के टासीलाक फ्योर्ड  पर उत्तरी रोशनी (नॉर्दर्न लाइट्स) देखने वाले लोगों ने बताया कि उस दृश्य ने उनके भीतर गहरा आश्चर्य और शांति जगाई।
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आधुनिक जीवन में इसका बढ़ रहा है महत्व
वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे अनुभव दिमाग को फाइट-ऑर-फ्लाइट मोड से बाहर निकालकर कनेक्टेड मोड में ले आते हैं, जिसमें व्यक्ति अपने परिवेश और दूसरों से गहराई से जुड़ा हुआ महसूस करता है। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि आधुनिक जीवन में बढ़ते तनाव और अवसाद के दौर में ‘आश्चर्य’ का महत्व और भी बढ़ गया है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की रिसर्च बताती है कि नियमित रूप से ऐसी गतिविधियां अपनाना, जो आश्चर्य का अनुभव कराएं जैसे प्रकृति की सैर, आकाश को निहारना, संगीत सुनना या कला से जुड़ना मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने का आसान और असरदार तरीका हो सकता है।

स्थायी रूप से खुशनुमा होने लगती है मानसिक स्थिति
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पाया कि समूह के स्तर पर आश्चर्य का अनुभव लोगों की मानसिक स्थिति बदल देता है। शोधकर्ताओं ने वृद्ध प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटकर प्रयोग किया। एक समूह ने सामान्य सैर की जबकि दूसरे समूह को ऐसी जगहों पर ले जाया गया जहां प्राकृतिक सुंदरता और विशाल दृश्य देखकर वे विस्मय का अनुभव कर सकें। वैज्ञानिकों का निष्कर्ष था कि आश्चर्य न केवल मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करता है बल्कि सामाजिक जुड़ाव और सहयोग की भावना भी गहराई से बढ़ाता है।

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