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कामयाबी: अब आंखें खोलेंगी दिल का राज, अगले 10 साल में हार्ट अटैक-स्ट्रोक के खतरे का पहले ही चल जाएगा पता

Mon, 21 Jul 2025 06:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अध्ययनकर्ताओं ने एक ऐसे टेस्ट के बारे में बताया है जिसकी मदद से एक दशक यानी करीब 10 साल पहले ही जाना जा सकेगा कि आपको हार्ट अटैक का खतरा तो नहीं है? सबसे खास बात ये है कि इसके लिए हार्ट नहीं, आंखों की जांच की जाएगी। 
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आंखों के टेस्ट से पता कर सकेंगे हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
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Eye Test Can Predict Heart Attack Risk: आज के दौर में दिल से जुड़ी बीमारियां 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' बनती जा रही हैं। हार्ट अटैक के बढ़ते मामले और उससे जुड़ी मौतें अब महज आंकड़े नहीं, बल्कि हर किसी के दरवाजे तक दस्तक देने वाली हकीकत बन चुकी हैं। अखबारों की सुर्खियों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह यही सवाल गूंज रहा है- अब किसकी बारी?"

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स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि अगर अब भी हमने अपनी आदतें नहीं बदलीं, तो ये खतरा और गहराता जाएगा। खासकर खान-पान में लापरवाही और गतिहीन जीवनशैली को इस संकट का सबसे बड़ा गुनहगार माना जा रहा है। इसके अलावा अगर आपके परिवार में पहले से किसी को दिल की बीमारी रही है, तो खतरे की ये घंटी और गंभीर हो जाती है। आनुवांशिक कारक हृदय रोगों के जोखिमों को कई गुना बढ़ा देते हैं। 

क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे पहले से ही ये जाना जा सके कि आपको हार्ट अटैक या स्ट्रोक तो नहीं होगा? अगर आपके मन में भी ये सवाल है तो अब इसका जवाब मिल गया है।

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आंखों की जांच से पता चलेगा हृदय स्वास्थ्य - फोटो : Freepik.com
एक दशक पहले ही पता चल जाएगा हार्ट अटैक का जोखिम

अध्ययनकर्ताओं ने एक ऐसे टेस्ट के बारे में बताया है जिसकी मदद से एक दशक यानी करीब 10 साल पहले ही जाना जा सकेगा कि आपको हार्ट अटैक का खतरा तो नहीं है? सबसे खास बात ये है कि इसके लिए हार्ट नहीं, आंखों की जांच की जाएगी।

जर्नल कार्डियोवैस्कुलर डायबिटोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि एक सामान्य नेत्र परीक्षण अगले दस वर्षों में किसी व्यक्ति को दिल का दौरा या स्ट्रोक होने के जोखिम का अनुमान लगा सकता है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया है जो डिजिटल रेटिना फोटोग्राफ्स लेती है और इसके विश्लेषण से हृदय की जानलेवा समस्या के बारे में पहले से जाना जा सकेगा।

हृदय की समस्याओं का पहले से कैसे पता करें? - फोटो : Adobe stock photos
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि यह तकनीक रोगी के लिए एक सेकंड से भी कम समय में व्यक्तिगत जोखिम स्कोर तैयार करने में सक्षम थी। 

स्कॉटलैंड के डॉन्डी यूनिवर्सिटी के हृदय रोग विशेषज्ञों ने टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों की आंखों के स्कैन पर इस एआई सॉफ्टवेयर का परीक्षण किया है। विश्वविद्यालय में शोध के प्रमुख और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. इफी मोर्डी कहते हैं, यह आश्चर्यजनक पर सत्य है कि आंखें हमारे हृदय की खिड़की होती हैं।
 
इस टेस्ट का सिंपल फॉर्मूला ये है कि यदि आंख के पीछे की रक्त वाहिकाओं में कोई क्षति है या वे सिकुड़ रही हैं, तो इस बात की पूरी संभावना है कि आने वाले वर्षों में इसका हृदय को रक्त पहुंचाने वाली वाहिकाओं पर भी असर देखा जा सकता है, जिसे दिल का दौरा या स्ट्रोक का कारण माना जाता है।

आई टेस्ट और हृदय स्वास्थ्य का अंदाजा - फोटो : Freepik.com
एक मिनट से भी कम समय में स्थिति का चल जाएगा पता

अध्ययनकर्ताओं ने बताया, इमेज के आकलन के आधार पर ये जानने में मदद मिल सकती है कि किसी व्यक्ति में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने या रुकावट का खतरा कितना अधिक है? शोध के दौरान इस तरह की 4,200 तस्वीरों का उपयोग करके जांच की गई। एआई उपकरण 70 प्रतिशत सटीकता के साथ यह अनुमान लगाने में सक्षम था कि एक दशक के भीतर किन लोगों को 'गंभीर हृदय संबंधी घटनाएं', जैसे दिल का दौरा या स्ट्रोक, हो सकती हैं।

डॉ. मोर्डी ने आगे कहा 'यह एक वन-स्टॉप स्कैन है जो नियमित रूप से किया जाता है और इसमें एक मिनट से भी कम समय लगता है।
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हृदय रोगों का पहले से कैसे पता लगाएं? - फोटो : Freepik.com
हृदय स्वास्थ्य और इसका आकलन

यह रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की जांच के साथ-साथ हृदय संबंधित जोखिमों के आकलन में भी मददगार हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने कहा, हृदय संबंधी जोखिमों का आकलन करने के लिए आंखों की रक्त वाहिकाओं का विश्लेषण ज्यादातर लोगों के लिए कारगर होना चाहिए, न कि सिर्फ डायबिटीज रोगियों के लिए। डायबिटीज वालों में समय के साथ आंखों की समस्याएं होने लगती हैं, डायबिटिक रेटिनोपैथी में आंखों की रक्तवाहिकाएं प्रभावित हो जाती हैं, इसलिए अध्ययन में सिर्फ डायबिटीज रोगियों को शामिल किया गया। 
 
इस तकनीक के बारे में ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के मुख्य वैज्ञानिक प्रोफेसर ब्रायन विलियम्स कहते हैं, जितनी ज्यादा सटीकता से हम किसी व्यक्ति में दिल का दौरा या स्ट्रोक के जोखिम का पता लगा पाएंगे, इन घटनाओं को रोकने के उतने ही बेहतर अवसर होंगे। इस तरह की प्रगति से हार्ट अटैक के जोखिम वाले लोगों की जान बचाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इस पूर्वानुमान की सटीकता को पुख्ता करने के लिए हमें और अधिक शोध की आवश्यकता है।'



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स्रोत
High street eye scan can reveal risk of having a heart attack or stroke


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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