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फिल्म 'जीरो' में इस बीमारी से पीड़ित दिखाई गईं हैं अनुष्का, जानिए इसके लक्षण और बचाव

Tue, 04 Dec 2018 06:43 PM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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anushka sharma - फोटो : twitter
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फिल्म 'जीरो' का ट्रेलर तो आपने देख ही लिया होगा। हाल ही में इस फिल्म का पहला सॉन्ग  'मेरे नाम तू' रिलीज किया गया, जिसमें अनुष्का व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। ट्रेलर में देखकर इतना मालूम हो रहा है कि वह चल-फिर नहीं सकती और उन्हें बोलने में भी तकलीफ होती है, जिसके बाद हर किसी के दिमाग में अनुष्का के सस्पेंसिव किरदार को लेकर सवाल हैं। बता दें, फिल्म में वह सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी से ग्रसित हैं। आइए जानते हैं क्या है सेरेब्रल पाल्सी? और इसके लक्षण और बचाव...

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anushka sharma - फोटो : instagram
क्या है सेरेब्रल पाल्सी?
सेरेब्रल पाल्सी को आम भाषा में बच्चों का लकवा कहते हैं, क्योंकि इसके लक्षण लकवे से मिलते-जुलते हैं। यह ज्यादातर जन्म से पहले मस्तिष्क में चोट लगने के कारण होती है। अक्सर इनमें दिमागी असामान्यताएं होती हैं, जो ऐसे नहीं दिखाई पड़ती, लेकिन वक्त के साथ विकसित होने पर समझ आती हैं। इससे प्रभावित शिशु मांसपेशियों को सामान्य ढंग से हिला नहीं पाता है। भारत में 3-4 प्रतिश बच्चे इस बीमारी से ग्रसित हैं।

सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण
-बच्चे के 5-6 महीने के होने पर भी गर्दन को संभाल नहीं पाते
-उसके 10 महीने के हो जाने पर भी बिना सहारे न बैठ पाना
-15 महीने के होने पर बच्चे बिना सहारे खड़े होकर चलने फिरने लगते हैं। अगर ऐसा नहीं हो पा रहा है तो आपके बच्चे को यह शिकायत हो सकती है।
-एक हाथ और पैर का काम न करना
–उम्र के हिसाब से शारीरिक वृद्धि कम होना
-साफ न बोल पाना
-बच्चे के हाथ-पैरों में किसी तरह का विकार, टेढ़-मेढ़े होना
-बच्चे की मांसपेशी काफी सख्त होना
-बच्चे के पैरों में कंपन होना
-आपके आवाज देने पर अगर बच्चा नहीं देखता
-बच्चे को उठाने पर उसका पैरों को कैंची की अवस्था में कर लेना
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सावधानियां
 
गर्भावस्था के दौरान पेट में बच्चे की मूवमेंट हर समय महसूस होनी चाहिए। अगर आपको ब्लडप्रैशर, शुगर या थायरॉयड की शिकायत है तो बिना लापरवाही करे बराबर डक्टर से इलाज कराएं और उसके संपर्क में रहें।
 
जिन बच्चों को यह बीमारी होती है उनमें 70 प्रतिशत बच्चे मंदबुद्धि होते हैं और 30 प्रतिशत का आईक्यू लैवल ठीक-ठाक होता है। आप वक्त रहते इन लक्षणों पर गौर कर लें और उनके इलाज में देरी न करें, क्योंकि  0 से 6 साल के बच्चों में सुधार तेजी से होता है। बता दें, पोलियो और सेरेब्रल पाल्सी एक दूसरे से काफी अलग हैं।

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