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AIDS Free: क्या साल 2030 तक कम पाएगा 'एड्स का खतरा'? यूएनएड्स के आंकड़ों से बढ़ी उम्मीद

Sun, 16 Jul 2023 01:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एचआईवी एड्स का वैश्विक जोखिम - फोटो : iStock
एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम (एड्स) रोग, दशकों से दुनियाभर में गंभीर खतरा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर साल 2022 के अंत तक 39 मिलियन (3.9 करोड़) से अधिक लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे। दुनियाभर में 15-49 वर्ष की आयु के वयस्कों में से अनुमानित 0.7% इसकी चपेट में हैं। एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस) ही एड्स रोग का कारण बनती है।

एड्स से संबंधित एक हालिया रिपोर्ट में यूएन एजेंसियों का कहना है कि साल 2030 तक एड्स के खतरे को कम किया जा सकता है, अगर सही प्रयास किए गए तो इसे 'सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे' की श्रेणी से हटाया जा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सभी राजनेता विज्ञान का पालन करें, पर्याप्त धन निवेश करें और मौजूदा असमानताओं को कम कर लें तो ऐसा संभव हो सकता है। असल में विश्व के कई हिस्सों से पिछले कुछ वर्षों में एड्स के मामलों में कमी की खबरें आई हैं। इस आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर थोड़े और प्रयास कर लिए जाएं तो निश्चित ही एड्स की रोकथाम में इससे मदद मिल सकती है।
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एचआईवी के मामलों में आई कमी - फोटो : istock
एचआईवी संक्रमण में आई कमी

यूएनएड्स की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका में 2010 के बाद से नए एचआईवी संक्रमणों में 57% की कमी आई है, यहां सरकारों ने एड्स की रोकथाम से संबंधित कार्यक्रमों में भारी निवेश किया है। वैश्विक स्तर पर एचआईवी से पीड़ित लगभग 82% गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को साल 2022 में एंटीरेट्रोवायरल उपचार प्राप्त हुई, यह आंकड़ा साल 2010 में केवल 46% था। इसका नतीजा यह रहा है कि 2010 से 2022 तक बच्चों में नए एचआईवी संक्रमण में 58% की गिरावट आई।
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एड्स के मरीजों का हो रहा है सही उपचार - फोटो : istock
"95-95-95" का लक्ष्य 

जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि एड्स को समाप्त करना जरूरी कदम है। जो देश और नेता पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं, उन्हें इसके असाधारण परिणाम भी प्राप्त हुए हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक बोत्सवाना, इस्वातिनी, रवांडा, संयुक्त गणराज्य तंजानिया और जिम्बाब्वे जैसे देशों ने पहले ही अपना "95-95-95" का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इसका मतलब है कि एचआईवी से पीड़ित 95% लोग अपनी एचआईवी स्थिति जानते हैं, 95% जो जानते हैं कि वे एचआईवी के साथ जी रहे हैं, वे जीवनरक्षक एंटीरेट्रोवाइरल उपचार ले रहे हैं, और उपचाराधीन 95% लोगों में संक्रमण की स्थिति में सुधार हुआ है।

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एड्स में प्रभावी है एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी - फोटो : istock
एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी के बारे में जानना जरूरी

यहां जानना जरूरी है कि एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) एचआईवी संक्रमित लोगों के उपचार में विशेष लाभकारी हो सकती है। इसमें एंटी-एचआईवी दवाओं का उपयोग करके एचआईवी से संक्रमित लोगों का इलाज किया जाता है। यह एचआईवी को बढ़ने से रोकने में कारगर पाई गई है।

एचआईवी उपचार का मुख्य लक्ष्य संक्रमित व्यक्ति के वायरल लोड को कम करना होता है। इसका उपयोग बढ़ाकर कई देशों ने संक्रमण के इलाज में विशेष लाभ प्राप्त किया है।
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दुनिया से कैसे कम होगा एड्स का खतरा - फोटो : Pixabay
नेताओं की प्रतिबद्धता से लक्ष्य हो सकेगा हासिल

यूएनएड्स के मुताबिक साल 2022 में 6.30 लाख लोगों में एड्स की पुष्टि की गई थी। मौतों की संख्या 2004 में लगभग 2 मिलियन (20 लाख) थी जो 2010 में घटकर 13 लाख से कम हो गई थी। महामारी की शुरुआत के बाद से लगभग 40 मिलियन लोग एड्स के कारण अपनी जान गवां चुके हैं।

यूएनएड्स की कार्यकारी निदेशक विनी बयानीमा कहती हैं, एड्स का अंत करना सभी सरकारों के लिए विशिष्ट शक्तिशाली विरासत का अवसर है। उन्हें आने वाली पीढ़ियां दुनिया की सबसे घातक महामारी को रोकने वालों के रूप में याद करेंगी। अगर सभी देशों में इसपर प्रभावी स्तर पर काम किया जाए तो 2030 तक हम बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।



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स्रोत और संदर्भ
THE PATH THAT ENDS AIDS


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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