how to reduce festive stress: त्योहारों का नाम आते ही मन में रंग-बिरंगी सजावट, पकवानों की खुशबू, पूजा की तैयारियां और अपनों के साथ बिताए खूबसूरत पलों की तस्वीर उभरने लगती है। लेकिन इन खुशियों के बीच ऑफिस की डेडलाइन, घर की जिम्मेदारियां, खरीदारी और मेहमानों की तैयारी कब तनाव का कारण बन जाती हैं, पता ही नहीं चलता। कई बार सबको खुश रखने की कोशिश में हम अपनी खुशी ही भूल जाते हैं। नेहा के साथ भी ऐसा ही हुआ।
जब एक साथ कई काम सामने हों, तो सबसे पहले जरूरी और कम जरूरी कामों को अलग करें। दिन के कुछ प्रमुख काम पहले से तय कर लें और कोशिश करें कि एक समय में एक ही काम करें। अपनी योजना में थोड़ा अतिरिक्त समय भी रखें, ताकि अचानक आने वाली जिम्मेदारियां पूरे दिन का कार्यक्रम न बिगाड़ें। हर काम को तुरंत पूरा करने की कोशिश करने के बजाय जरूरी कामों को पहले करना तनाव कम करने में मदद कर सकता है।
त्योहारों के दौरान खरीदारी, मेहमानों की तैयारी, फोन कॉल्स और घर के कामों की लगातार चिंता मानसिक थकान बढ़ाती है। और इससे बचने का तरीका भी प्राथमिकताएं तय करना है। साथ ही, हर काम खुद करना जरूरी नहीं है, बल्कि घर के सदस्यों के साथ जिम्मेदारियां बांटें और बच्चों या परिवार के अन्य लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार काम सौंपें। जिम्मेदारियां बांटना समय बचाने, तनाव घटाने और ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करने का प्रभावी तरीका है।
त्योहारों की लंबी सूची और काम की बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच लगातार तनाव महसूस होता है। इसलिए ऑफिस खत्म होने के बाद वहां के काम से मानसिक दूरी बनाने की कोशिश करें। पर्याप्त नींद, समय पर पौष्टिक भोजन, पर्याप्त पानी पीना और हल्की एक्सरसाइज जैसी आदतें तनाव कम करने के साथ ऊर्जा और एकाग्रता बनाए रखने में मदद करती हैं।
त्योहारों पर हर तैयारी बिल्कुल परफेक्ट हो, इसका बोझ लेकर न लें। दूसरों की सजावट, खरीदारी या तैयारियों से अपनी तुलना बिल्कुल न करें। परिवार के साथ बैठकर सुकून भरे पल बिताएं, पसंदीदा काम करें या थोड़ी देर अकेले आराम करें। याद रखें, त्योहार अपनों के साथ समय बिताने और उन पलों का आनंद लेने का भी मौका है।
विशेषज्ञ की राय : शेड्यूल में बफर टाइम
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट गरिमा बताती हैं कि त्योहारों में ऑफिस की डेडलाइन, घर की तैयारियां और पारिवारिक जिम्मेदारियां तनाव बढ़ाती हैं। इसलिए कामों की प्राथमिकता तय करें और शेड्यूल में बफर टाइम रखें। हर काम परफेक्ट करने के बजाय अपनी अपेक्षाएं व्यवस्थित रखें। ऑफिस और घर के बीच ट्रांजिशन टाइम रखें। पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन, व्यायाम और मेडिटेशन को प्राथमिकता दें। जरूरत पर ‘न’ कहें। सबसे जरूरी, अगर आपको लगातार चिड़चिड़ापन, बेचैनी, थकान या नींद में बदलाव हो, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।