सही योजना
बच्चों के एग्जाम की तैयारी कराने के लिए आप दैनिक, साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य निर्धारित करें और एक सही टाइम टेबल बनाएं। बच्चे के शेड्यूल में आप जरूरी चैप्टर और जो सब्जेक्ट उसे कठिन लगते हैं, उन्हें अधिक प्राथमिकता दें। इसके अलावा अधिक कठिन सब्जेक्ट को शुरू करने से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आसान सब्जेक्ट से शुरुआत करें।
पिछले वर्षों के पेपर
समय कम है तो आप बच्चे को पिछले सालों के पेपर हल करने के लिए दें, क्योंकि अक्सर हर साल प्रश्न दोहराए जाते हैं। साथ ही परीक्षा में शायद ही कभी पाठ्यक्रम के बाहर के प्रश्न शामिल होते हैं। पिछले पेपर हल करने से बच्चा समझ पाता है कि कैसे परीक्षा में प्रश्न पूछे जाते हैं और किस तरह से उनके उत्तर लिखे जाते हैं। आप बच्चे का मौखिक टेस्ट ले सकती हैं। इससे बच्चे को चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं और उसे परीक्षा में अच्छा स्कोर करने में मदद मिलती है।
आसान नोट्स
एग्जाम के लिए नोट्स बनाना सबसे जरूरी है। रिवीजन को आसान बनाने के लिए बुलेट पॉइंट और कम से कम शब्दों का इस्तेमाल करें। साथ ही स्टडी टेबल पर ध्यान भटकाने वाली चीजों को कम करें और केवल जरूरी चीजें, जैसे- पिछले सालों के पेपर, पानी की बोतल और मुख्य पुस्तकें ही रखें। जब बच्चा पढ़ाई करने बैठे तो उसके आस-पास से उन चीजों को हटा दें, जो उसका ध्यान भटका सकती हैं।
गैजेट तो जरूरत है
अब वो जमाना नहीं रहा, जब परीक्षा शुरू होते ही मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर जैसी चीजों से दूरी बना ली जाती थी। आज ये सब चीजें समय की जरूरत हैं। बच्चों की पढ़ाई की सारी सामग्री यहां मौजूद है। इसलिए जब बच्चे इन गैजेट की मदद से पढ़ाई करें तो आप एप्स को लॉक कर दें, ताकि बच्चा पढ़ाई पर पूरा फोकस कर सके।
बच्चे को ब्रेक दें
पढ़ाई के दौरान उसे ब्रेक लेने दें, ताकि दिमाग तरोताजा हो सके। हालांकि अगर परीक्षाएं नजदीक हैं तो पढ़ाई के समय को अधिकतम करने के लिए ब्रेक को थोड़ा कम करें। बच्चे पर दबाव न डालें। इससे वह घबरा सकता है और उसका प्रदर्शन खराब हो सकता है। साथ ही सबसे जरूरी है सही डाइट और पर्याप्त नींद। इसलिए आप बच्चे के भोजन में हरी सब्जियां शामिल करें और हर रात कम से कम पांच से छह घंटे की नींद लेने दें। समय कम हो, तब भी आप और बच्चा घबराएं नहीं, बल्कि दबाव में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सही योजना बनाएं।
बेड पर न करे पढ़ाई
सीनियर करियर काउंसलर डॉ. संजीव कुमार आचार्य बताते हैं, अच्छे अंक लाने के लिए जरूरी है कि सबसे पहले बच्चा अपने पाठ्यक्रम की एनसीईआरटी किताबों को पूरा पढ़े और उसके बाद ही अन्य माध्यमों पर ध्यान दे। ध्यान दें कि बच्चा पढ़ाई बेड पर लेटकर या टिककर न करे। इससे दिमाग स्लीप मोड में चला जाता है और वह कितना ही पढ़े, उसे याद नहीं होता। आप बच्चे को परीक्षा की तैयारी करने के दौरान डांटें नहीं और किसी भी तरह का दबाव न डालें, क्योंकि इससे उसके प्रदर्शन पर असर पड़ता है। बच्चे को देर रात तक न पढ़ने दें और सुनिश्चित करें कि वह पर्याप्त नींद ले। साथ ही सबसे जरूरी है कि आप परीक्षा वाले दिन उसे सुपाच्य खाना खिलाएं, ताकि परीक्षा के दौरान उसे एसिडिटी न हो।