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Ambedkar Jayanti 2026: आज है आंबेडकर जयंती, जानिए बाबा साहब के जीवन से जुड़े रोचक तथ्य

Tue, 14 Apr 2026 09:48 AM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Dr Bhimrao Ambedkar Life Facts: आंबेडकर जयंती 2026 कब है? जानिए 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली बाबा साहब आंबेडकर जयंती का महत्व, इतिहास और उनके जीवन से जुड़े रोचक तथ्य।
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Ambedkar Jayanti 2026 - फोटो : Adobe stock
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विस्तार
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आंबेडकर जयंती भारत में हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाती है। यह दिन भारतीय संविधान के निर्माता, समाज सुधारक और महान अर्थशास्त्री डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर को समर्पित है। 2026 में भी देशभर में यह दिन बेहद श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। बाबा साहब आंबेडकर ने भारत के सामाजिक ढांचे को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया।

उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। वे समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ जीवनभर संघर्ष करते रहे। आंबेडकर ने लाखों लोगों को शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने भारतीय संविधान का निर्माण कर देश को एक लोकतांत्रिक और समानता आधारित व्यवस्था दी।

आंबेडकर जयंती सिर्फ एक जयंती नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और अधिकारों की प्रेरणा का दिन है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। रैलियां, भाषण, श्रद्धांजलि सभाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बाबा साहब के विचारों को याद किया जाता है। 2026 में आंबेडकर जयंती और भी खास मानी जा रही है क्योंकि युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उनके विचारों को तेजी से फैला रही है। यह दिन हमें समानता, शिक्षा और मानव अधिकारों के महत्व की याद दिलाता है।

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आंबेडकर जयंती कब मनाई जाती है?

आंबेडकर जयंती हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाती है। यह दिन डॉ. भीमराव आंबेडकर के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने भारतीय संविधान का निर्माण किया और सामाजिक समानता के लिए संघर्ष किया।



बाबा साहब आंबेडकर से जुड़े रोचक तथ्य

 

  • संविधान निर्माता

डॉ. आंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य शिल्पकार माना जाता है, जिसने भारत को लोकतांत्रिक ढांचा दिया। वे संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। उन्हें भारतीय संविधान का जनक और मुख्य वास्तुकार कहा जाता है।

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  • उच्च शिक्षा प्राप्त विद्वान

उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की। डॉ भीमराव आंबेडकर के पास कुल 32 डिग्रियां थीं। वह सबसे शिक्षित भारतीयों में से एक थे। उन्होंने बीए, एमए, एमएससी, पीएचडी, डीएससी, एलएलडी और बैरिस्टर एट लॉ जैसी प्रमुख डिग्रियां थीं। बाबा साहब ने 9 भाषाओं में महारत हासिल की। वे 64 विषयों के ज्ञाता थे। वे स्वतंत्र भारत के पहले कानून और न्याय मंत्री बने।
 

 

  • समाज सुधारक

उन्होंने छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया और समानता का संदेश दिया। बाबा साहब ने अस्पृश्यता का अंत करने के लिए महाड सत्याग्रह किया, इसमें अछूतों के लिए सार्वजनिक टैंक से पानी लेने के अधिकार और मंदिर प्रवेश के लिए उन्होंने आंदोलन किया। हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को तलाक और संपत्ति में अधिकार दिलाने का प्रयास किया।
 

  • भारत रत्न सम्मान

1990 में मरणोपरांत उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने यह सम्मान उनकी पत्नी सविता आंबेडकर को प्रदान किया।5. स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री
 

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