आमतौर पर दिवाली से तीन-चार हफ्ते पहले पेंटिंग का काम शुरू करना बेहतर रहता है। इस दौरान घर के इंटीरियर, एक्सटीरियर और खासकर पूजा घर, हॉल और मुख्य दीवारें पेंट कराएं। हर परिवार दिवाली पर घर को नया लुक और चमक देना चाहता है। ताकि घर साफ-सुथरा, आकर्षक और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हो।
आप दिवाली में पेटिंग का काम सही तरीके से कराना चाहते हैं तो सही पेंट, बजट, एक्सपर्ट पेंटर और समय की प्लानिंग करें। दिवाली पर घर पेंट कराने से पहले सही प्लानिंग और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने से न सिर्फ आपका समय और पैसा बचेगा, बल्कि घर में नई रौनक भी आएगी।
दिवाली पर घर पेंट कराने से पहले जरूरी बातें
पेंटिंग का काम अचानक शुरू न करें। कम से कम 3–4 हफ्ते पहले शेड्यूल तय कर लें। सही समय पर कराई गई पेंटिंग काम का बोझ नहीं बढ़ाती और त्योहार के उत्साह में बाधा नहीं बनती है।
- मौसम और वेंटिलेशन का रखें ध्यान
दिवाली से एक दो महीने पहले मानसून रहता है और बारिश या नमी के दिनों में पेंट कराना सही समय नहीं होता है। पेंट सूखने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन जरूरी है।
अगर आप ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि घर में किस रंग का पेंट कराना है तो आपको ये बात ध्यान रखनी चाहिए कि लिविंग एरिया के लिए हल्के रंग ज्यादा आकर्षक लगते हैं। साथ ही किचन और बच्चों के कमरे के लिए वॉशेबल पेंट चुनें।
- बजट और मटेरियल पर नियंत्रण
पेंट कराने के लिए पहले से बजट तय करें और उसी हिसाब से क्वालिटी पेंट चुनें। सस्ते पेंट से बचें, क्योंकि ये लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहते। क्वालिटी पेंट एक बार कराने से वे वर्षों तक आपके घर की चमक को बरकरार रख सकते हैं।
- एक्सपर्ट पेंटर की मदद लें
प्रोफेशनल पेंटर पेंटिंग का काम जल्दी और बेहतर तरीके से पूरा करते हैं। DIY पेंटिंग से समय और ऊर्जा ज्यादा खर्च हो सकती है।
दिवाली पेंटिंग के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
- फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स की सुरक्षा
पेंटिंग से पहले फर्नीचर को कवर करें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पेंटिंग क्षेत्र से हटा दें। इससे न तो पेंट से फर्नीचर खराब होता है और न इलेक्ट्रिक उपकरण का खतरा बढ़ता है।
- बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा
पेंटिंग के दौरान घर में ज्यादा धूल और गंध होती है। इसका असर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक पड़ता है। पेंट होने से पहले बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
हमेशा प्राइमर का इस्तेमाल करें, ताकि पेंट लंबे समय तक टिका रहे। रवाजों और खिड़कियों की पॉलिश या पेंटिंग भी करवाना न भूलें।